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सामान ऐब बताए बगैर फरोख्त करने का गुनाह

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “मुसलमान मुसलमान का भाई है और किसी मुसलमान के लिये अपने भाई से ऐब वाले सामान को ऐब बयान किए बगैर फरोख्त करना जाइज नहीं।” […]

जन्नतुल फिरदौस का दर्जा

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जब तुम अल्लाह तआला से सवाल करो, तो जन्नतुल फिरदौस का सवाल किया करो, क्योंकि वह जन्नत का सबसे अफजल और बुलंद दर्जा है और […]

सबसे पहले जिन्दा होने वाले

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “हम दुनिया में सबसे आखिर में आए हैं, लेकिन कल हश्र (यानी आखिरत में जब सब को जमा किया जाएगा) तो हम सबसे पहले जिन्दा […]

अहले जन्नत की उम्र

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया: “जन्नती लोग जन्नत में बगैर दाढ़ी के सुरमा लगाए हुए तीस या तैंतीस साला नौजवान की शकल में दाखिल होंगे।” 📕 तिर्मिजी: २५४५

कम दर्जे वाले जन्नती का इनाम

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया – “अदना दर्जे का जन्नती वह होगा, जिस के एक हज़ार महल होंगे, हर दो महलों के दर्मियान एक साल के बराबर चलने का फासला होगा, […]

घर वालों से नेक बरताव करना

हजरत आयशा (र.अ) फर्माती हैं के – आप (ﷺ) ने ग़ज़वे के अलावा कभी भी किसी को अपने हाथ से नहीं मारा और न कभी किसी खादिम को मारा और […]

नमाज़ के लिये पैदल आना

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “सब से जियादा नमाज का सवाब उस आदमी को मिलेगा जो सबसे जियादा पैदल चल कर आए फिर उससे जियादा सवाब उस आदमी को मिलेगा […]

इत्र लगाना

हजरते आयशा (र.अ) से मालूम किया गया के रसूलुल्लाह इत्र लगाया करते थे? उन्होंने फ़रमाया : “हाँ मुश्क वगैरह की उम्दा खुशबु लगाया करते थे।” 📕 निसाई: ५११९

सूद से बचना

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: “ऐ ईमान वालो! तुम कई गुना बढ़ा कर सूद मत खाया करो (क्योंकि सूद लेना मुतलकन हराम है) और अल्लाह तआला से डरते रहो […]

वालिदैन के साथ अच्छा सुलूक करना

कुरआन में अल्लाह तआला फरमाता है : “हम ने इन्सानों को अपने वालिदैन के साथ हुस्ने सुलूक ही करने का हुक्म दिया है।” 📕 सूरह अहकाफ:१५ फायदा: वालिदैन की इताअत […]

नमाज़ में इमाम की पैरवी करना

हज़रत अबू हुरैरह (र.अ) फ़र्माते हैं के रसूलुल्लाह (ﷺ) हमें सिखाते थे के “(नमाज़ में) इमाम से पहले रुक्न अदा न किया करो।” 📕 मुस्लिम : १३२ फायदा : अगर […]

गुस्ल करने का सुन्नत तरीका

रसूलुल्लाह (ﷺ) जब गुस्ले जनाबत फ़र्माते, तो सबसे पहले हाथ धोते, फिर सीधे हाथ से बाएँ हाथ पर पानी डालते, फिर इस्तिन्जे की जगह धोते, फिर जिस तरह नमाज के […]

वालिदैन के साथ एहसान का मामला करो

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: “तुम्हारे रब (अल्लाह) ने फैसला कर दिया है उसके के अलावा किसी और की इबादत न करो और वालिदैन के साथ एहसान का मामला […]

शौहर की विरासत में बीवी का हिस्सा

कुरआन में अल्लाह तअला फर्माता है : “उन औरतों के लिये तुम्हारे छोड़े हुए माल में चौथाई हिस्सा है, जब के तुम्हारी कोई औलाद न हो अगर तुम्हारी औलाद हो […]

अस्र की नमाज़ की फज़ीलत

एक मर्तबा रसूलुल्लाह (ﷺ) ने अस्र की नमाज़ पढ़ाई और फिर लोगों की तरफ मुतवज्जेह हो कर फ़रमाया – “यह नमाज़ तुमसे पहले वाले लोगों पर भी फ़र्ज़ की गई […]

कुरआन की तिलावत करना

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “कुरआन शरीफ की तिलावत किया करो, इस लिए के कयामत के दिन अपने साथी (यानी पढ़ने वाले) की शफ़ाअत करेगा।” 📕 मुस्लिम: १८७४

सजद-ए-तिलावत अदा करना

हज़रत इब्ने उमर (र.अ) फ़र्माते हैं : “हुजूर (ﷺ) हमारे दर्मियान सजदे वाली सूरह की तिलावत फ़र्माते, तो सजदा करते और हम लोग भी सजदा करते, हत्ता के हम में से बाज़ […]

जन्नत में दाखिल करने वाले आमाल

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “अल्लाह तआला की इबादत करते रहो, खाना खिलाते रहो और सलाम फैलाते रहो, (इन आमाल की वजह से जन्नत में सलामती के साथ दाखिल हो […]

औरतों का चंद बातों पर अमल करना

औरतों का चंद बातों पर अमल करना रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फरमाया : “अगर औरत पाँच वक़्त की नमाज पढ़े और रमजान के रोजे रखे और अपनी शर्मगाह की हिफाज़त करे […]

जैतून के तेल के फवायद

۞ हदीस: रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जैतून का तेल खाओ और उसे लगाओ, क्यों कि उस में सत्तर बीमारियों से शिफा है, जिनमें से एक कोढ़ भी है।” 📕 […]

अल्लाह ताला कुफ्र को पसंद नहीं करता

अल्लाह ताला कुफ्र को पसंद नहीं करता ۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞ अल्लाह ताला कुरआन में फर्माता है : “अगर तुम मुन्किर होगे, तो यकीन जानो के अल्लाह तआला तुम से बेनियाज […]

हिजाब क्या है?

हिजाब क्या है? हिजाब” को लेकर आजकल एक गलतफहमी पाई जा रही है। लोग इसे एक कपड़ा समझ रहे हैं जो बुर्के के अलावा सिर पर बांधा जाता है। हालांकि […]

दुनिया की रगबत का खौफ

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फरमाया : “मैं तुम से पहले जाने वाला हूँ और मैं तुम पर गवाह हूँ, तुमसे मिलने की जगह हौज़ होगी और अब मैं यहाँ खड़े हो […]

बीमारी की शिकायत न करना

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “अल्लाह तआला फर्माता है के मै जब अपने मोमिन बंदे को (बीमारी में) मुबतला करता हूँ और वह अपनी इयादत करने वालों से मेरी शिकायत […]

जब बुरा ख्वाब देखे तो यह अमल करे

जब तुम में से कोई पुरा ख्वाब देखे, तो तीन मर्तबा बाएं तरफ थुतकार दे और तीन मर्तबा शैतान के शर्र (बुराई) से अल्लाह की पनाह चाहे ( आऊज़ो बिल्लाहि […]

हज़रत जुबैर बिन अव्वाम (र.अ)

हज़रत जुबैर बिन अव्वाम (र.अ) भी उन खुशनसीब लोगों में हैं जिन को रसूलुल्लाह (ﷺ) ने दुनिया में ही है। जन्नत की खुशखबरी सुना दी थी। आप इस्लाम लाने वालों […]

बीमारी से बचने की तदबीरें

हज़रत जाबिर (र.अ)  बयान करते हैं के मैंने रसूलुल्लाह (ﷺ) को फर्माते हुए सुना के : “बर्तनों को ढांक दिया करो और मशकीज़े का मुँह बांध दिया करो क्योंकि साल […]

मोमिन पर तोहमत लगाने का गुनाह

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जो शख्स अपने मोमिन भाई को मुनाफिक के शर से बचाए, तो अल्लाह तआला कयामत के दिन ऐसे आदमी के साथ एक फरिश्ते को मुकर्रर […]

दुनिया मोमिन के लिये कैदख़ाना है

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया: “दुनिया मोमिन के लिये कैदखाना है और काफिर के लिये जन्नत है।” 📕 मुस्लिम : ७४१७ वजाहत: शरीअत के अहकाम पर अमल करना, नफसानी ख्वाहिशों को […]

अहले जन्नत का इनाम : उस दिन बहुत से चेहरे तर व ताजा होंगे

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता :  “उस दिन बहुत से चेहरे तर व ताजा होंगे, अपने (नेक) आमाल की वजह से खुश होंगे, ऊँचे ऊँचे बागों में होंगे। वह उन […]

दीन के मुकम्मल होने का एलान

रसूलुल्लाह (ﷺ) पर मैदाने अरफात में जुमा के दिन अस्र के बाद आख़री हज के मौके पर एक लाख से जाइद सहाब-ए-किराम के दर्मियान कुरआन की आयत नाज़िल हुई, वही […]

खरबूजे के फवाइद

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “खाने से पहले खरबूजे का इस्तेमाल पेट को बिल्कुल साफ कर देता है और बीमारी को जड़ से खत्म कर देता है।” 📕 इब्ने असाकिर […]