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Azan ki Aawaz se kheel jata hai ye Anokha phool

Azerbaijan me paya gaya ek aisa anokha phool jo har Azan ke waqt khilkar Allah ki Qibriyayi Bayan Karta hai..खैर अज़ान की फ़ज़ीलत से मुतालिक पहले भी ऐसे कई दिलचस्ब वाकियात नज़र आये है जिनमे से 2 की लिंक हम आपको यहाँ दे रहे है,  अज़ान की आवाज़…
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यूनिफार्म सिविल कोड की हकीकत और उसके खतरनाक नुकसानात : ज़ैद पटेल

बोहोत सारे लोग ये सोचते है के "यूनिफार्म सिविल कोड" इस मुद्दे का ताल्लुक सिर्फ मुस्लिम समाज से है हालां के हकीकत ये है के इसका ताल्लुक हर हिन्दुस्तानी से है चाहे वो जिस किसी धर्म से क्यों न हो. *तो बहरहाल इस स्पीच के वसीले से "यूनिफार्म…
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मिन्हाज के परिवार को है मदद की दरकार

जामताड़ा: झारखंड के जामताड़ा जिले में मोबाइल की दुकान चला अपना और अपने परिवार का पेट पालने वाले 22 साल की उम्र के मिन्हाज का परिवार आज सदमें में है। इस सदमे और नामोशी की वजह बना है व्हाट्सएप पर भेजा गया बीफ से जुड़ा एक मेसेज जिसकी वजह से…
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Street Dawah with Auto Riskhwas by Brother Nawaz

Duniyparasti ki me mulawwis Musalmano ke liye Nawaz bhai Ki Justaju hai ek misal, karte hai apni Tijarat ke sath MashaAllah! Dawat-e-Deen ka kaam ,. Bengure ke Nawaz Bhai apni Auto Rickshaw ke jarye Musim aur Gairmuslimo tak Dawate Islam…
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KFC कर रहा है मुसलमानो की धार्मिक भावनाओ के साथ खिलवाड़ …

दरहसल KFC के सभी संचालको द्वारा संपूर्ण भारत में मुस्लिम सामुदाय की धार्मिक आस्था के साथ धोखा धड़ी करके खिलवाड़ किया जा रहा हैं। रमजान के पाक महीने में 28वे रोज़े को मैं (अनम इब्राहिम) Db Mall गया था, उसी दौरान काफी बुरखे वाली बहनो को और दाड़ी…
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सउदी में फंसे भारतीयों के लिए किंग सलमान ने की 178 करोड़ रूपये की मदद …

सउदी अरब में फंसे भारतीयो की मदद के लिए देश के किंग सऊद खुद सामने आये हैं. - उल्लेखनीय हैं कि सउदी अरब में लगभग १० हज़ार से अधिक मज़दूर ऐसे हैं जिनको उनका वेतन पिछले कई महीनो से नहीं मिला हैं.- जिसके कारण किंग सलमान-बिन अब्दुल अज़ीज़ ने…
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दहशत और आतंकवाद का कोई मजहब नही होता ,…

*कोई दहशत हिन्दू दहशत नहीं होता... *कोई दहशत बुद्धिसम दहशत नहीं होता.. *कोई दहशत क्रिस्टियन दहशत नहीं होता ... और ना ही कोई - Islamic Terrorism इस्लामी दहशत होता है.- अगर ऐसा होता तो इसका मतलब होता - Islamic यानी "शांतिपूर्वक" और…
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ISLAM Khatrey Me Hai Ya MUSALMAN ?

Aaj Musalamano Par Din-ba-Din Zulmo Seetam Ki Inteha Dekh Aksar Logon ke Muhh Se Ye Baate Sun'ne Ko Milti Hai ke "Islam Khatrey me Hai ,.." Subhan'Allah !!! ...*Yaad Rakhey Jo Log Ye Kehte Hai Ke Islam Khatrey Me Hai.. Wo Bhul Jaiye Ke…
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क्या कयामत का संकेत देती है मछलियों की बारिश ? जानिए इसकी हकीकत …

विश्व के कई देशों में जलीय जीवों की बारिश देखी गई है। इस तरह की घटनाएं लोगों के अंदर भय तो पैदा करती ही हैं, वैज्ञानिकों को नए सिरे से सोचने पर मजबूर भी करती हैं। कुछ जगह तो घड़ियालों को भी बारिश के साथ नीचे गिरते देखा गया है। 2015 में भारत…
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रमजान के अवसर पर घरो के बाहर गरीबो के लिए लगाए जा रहे है फ्रिज …

दुबई में घरो के बाहर फ्रिज को इंस्टाल किया जा रहा है जिससे लेबर और गरीब को पानी या खाने की किल्लत रमजान में ना हो ... इस मुहीम की शुरुआत करने वाले लोगो ने इससे पहले एक ग्रुप बना के फेसबुक पे शुरू किया है जिससे कि उन लोगो की मदद की जा सके…
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♫ Ramzan ki Fazilat – Ahmiyat aur Masaail

Free Download Audio Bayan of Ramzan Ki Fazilat, Ahmiyat aur Masaail, Shabe Qadr ki Hakikat aur Fazail by Adv Faiz Sayed. ♪ Ramzan Ki Fazilat – Part (I)♪ Ramzan Ki Fazilat - Part (II)♪ Ramzan Ki Fazilat - Part (III)♪…
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मुसलमानों पर परेशानियो के जिम्मेदार कौन ?

आज हम दुनिया में यही रोना रोते है ना के – हुकूमत ज़ालिम है, वो हम पर बेतहाशा जुल्म करते है , हमारे मस्जिदों को तक ढा देते है, हमारे हुकुक अदा नहीं करते, हमे न नौकरिया देती है और न ही कोई वजीफा ,.. कभी सोचा हमने के ऐसे लोगों को हुकूमत पर…
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हाथ पैरो से है माजूर मगर मोहताज नहीं …

हैद्राबाद: के मोहम्मद हाफिज २ पैर १ हाथ से माजुर लेकिन ये मेहनती शख्स वेल्डिंग का काम करते हुए अपना घर चलाता है ,. ३ साल पहले अपनी ही शादी के दीन एक हादसे का शिकार होकर मोहम्मद हाफिज बुरी तरह जख्मी हो गया था, जिसकी वजह से उसे अपने २ पैर…
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समाज में अमीरी और गरीबी क्यों ?

अल्लाह ने रोज़ी का वितरण अपने (मर्जी) से रखा है, कुछ लोगों को अधिक से अधिक दिया तो कुछ लोगों को कम से कम, हर युग में और हर समाज में मालदार और गरीब दोनों का वजूद रहा है, सवाल यह है कि आखिर अल्लाह ने अमीरी और गरीबी की कल्पना क्यों रखी ? -…
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काश ये इत्तेहाद हम’में पहले से होता ?

"काश ये इत्तेहाद हम'में पहले से होता ,.. तो शाने-नबी में गुस्ताखी, किसी मरदूद की जुर्रत ना होती ..*ना करता अहानते रसूल की हिम्मत कोई ,.. गर मेरे नबी के अहसानों का इन्हें इल्म होता .. " * * * * **मेरे अज़ीज़ भाइयो ,. - ये वक्त की जरुरत…
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