Browsing

दुनिया के बारे में

दुनिया की हकीकत वा आजमाइश और दुनियावी फितना वा फसाद के बारे में क़ुरानों सुन्नत की रहनुमाई।

सवारी के जानवर

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : "उसी ने (यानी अल्लाह ने) घोड़े, खच्चर और गधे भी पैदा किये ताके तुम उन पर सवारी करो और जेब व ज़ीनत हासिल करो और आइंदा भी ऐसी चीजें पैदा कर देगा, जिनको तुम अभी नहीं जानते।"
Read More...

दुनिया की मुहय्यत बीमारी है

हज़रत अबू दर्दा (र.अ) फ़र्माते थे के क्या मैं तुम को तुम्हारी बीमारी और दवा न बताऊं ? तुम्हारी बीमारी दुनिया की मुहब्बत है और तुम्हारी दवा अल्लाह तआला का जिक्र है।
Read More...

माल व औलाद दुनिया के लिए ज़ीनत

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : “माल और औलाद यह सिर्फ दुनिया की जिंदगी की एक रौनक है और (जो) नेक आमाल हमेशा बाकी रहने वाले हैं, वह आप के रब के नज़दीक सवाब और बदले के एतेबार से भी बेहतर हैं और उम्मीद के एतेबार से भी बेहतर हैं।”…
Read More...

दुनिया से बेरग़वती का इनाम

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फरमाया: "जो शख्स जन्नत का ख्वाहिश मन्द होगा वह भलाई में जल्दी करेगा। और जो शख्स जहन्नम से खौफ करेगा, वह ख्वाहिशात से गाफिल (बेपरवाह) हो जाएगा और जो मौत का इंतज़ार करेगा उसपर लज्जतें बेकार हो जाएगी और जो शख्स दुनिया में…
Read More...

लोगों की कंजूसी

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : "सुन लो! तुम ऐसे हो के जब तुम को अल्लाह की राह में खर्च करने के लिये बुलाया जाता है, तो तुम में से बाज लोग बुख्ल करते हैं और जो कंजूसी करता है, तो हकीकत में अपने ही लिये कंजूसी करता है और अल्लाह तआला…
Read More...

अनकरीब दुनिया खोल दी जाएगी

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “अनकरीब दुनिया की दौलत तुम पर खोल दी जाएगी, यहाँ तक के तुम अपने घरों को इस तरह आरास्ता करोगे जैसे काबा शरीफ़ को आरास्ता किया जाता है।”
Read More...

ज़रूरत से ज़ाइद सामान शैतान के लिये

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने हजरत जाबिर बिन अब्दुल्लाह (र.अ) से फ़र्माया : "एक बिस्तर आदमी के लिये और एक उसकी बीवी के लिये और तीसरा मेहमान के लिये और चौथा शैतान के लिये होता है।"
Read More...

दुनिया की ज़िन्दगी खेल तमाशा है

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : "दुनिया की ज़िन्दगी खेलकूद के सिवा कुछ भी नहीं है और आखिरत की जिन्दगी ही हकीकी जिन्दगी है, काश यह लोग इतनी सी बात समझ लेते।"
Read More...

दुनिया की चीज़ों में गौर व फिक्र करना

कुरआन में अल्लाह तआला फरमाता है : "इसी (बारिश के पानी के जरिये अल्लाह तआला तुम्हारे लिये खेती, जैतून, खजूर और अंगूर और हर किस्म के फल उगाता है, यकीनन इन चीजों में गौर व फिक्र करने वालों के लिये बड़ी निशानियां है।"
Read More...

थोड़ी सी रोज़ी पर राज़ी रहना

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : "जो शख्स अल्लाह तआला से थोड़ी रोजी पर राजी रहे, तो अल्लाह तआला भी उसकी तरफ से थोड़े से अमल पर राजी हो जाता हैं।"
Read More...

दुनिया के लालची अल्लाह की रहमत से दूर होंगे

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : "क़यामत करीब आ चुकी है और लोग दुनिया की हिर्स व लालच और अल्लाह तआला की रहमत से दूरी में बढ़ते ही जा रहे हैं।" खुलासा : कयामत के करीब आने की वजह से लोगों को नेकी कमाने की जियादा से जियादा फ़िक्र करनी…
Read More...

कामयाब कौन है?

रसूलुल्लाह (ﷺ)ने इर्शाद फ़र्माया : “कामयाब हो गया वह शख्स जिसने इस्लाम कबूल किया और उसको जरुरत के ब कद्र रोजी मिली और अल्लाह तआला ने उस को दी हई रोजी पर कनाअत करने वाला बना दिया।”
Read More...

दुनिया में उम्मीदों का लम्बा होने का फितना

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: "मुझे अपनी उम्मत पर सब से ज़ियादा डर ख्वाहिशात और उम्मीदों के बढ़ जाने का है, ख्वाहिशात हक़ से दूर कर देती हैं और उम्मीदों का लम्बा होना, आखिरत को भुला देता है, यह दुनिया भी चल रही है और हर दिन दूर होती चली जा…
Read More...

दुनिया के मुकाबले में आखिरत बेहतर है

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: "जो लोग परहेजगार हैं, जब उनसे पूछा जाता है के तुम्हारे रब ने क्या चीज़ नाजिल की है? तो जवाब में कहते हैं : बड़ी खैर व बरकत की चीज नाजिल फ़रमाई है। जिन लोगों ने नेक आमाल किये. उनके लिये इस दुनिया में भी…
Read More...

۞ हदीस: दुनिया के फ़ितनों से बचो

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया: "सुनो ! दुनिया मीठी और हरी भरी है और अल्लाह तआला जरूर तुम्हें इस की खिलाफत अता फरमाएगा, ताके देखें के तुम कैसे आमाल करते हो, पस तुम दुनिया से और औरतों (के फितने) से बचो।"
Read More...

मौत और माल की कमी से घबराना

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “आदमी दो चीज़ों को नापसंद करता है, (हालांकि दोनों उस के लिए खैर है) एक मौत को, हालांकि मौत फ़ितनों से बचाव है, दूसरे माल की कमी को, हालांकि जितना माल कम होगा उतना ही हिसाब कम होगा।”
Read More...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More