हलाल रोज़ी हासिल करना

हलाल रोज़ी हासिल करना रसुलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया: “जिस ने हलाल रोज़ी खाई और सुन्नत के मुताबिक अमल किया और

सुन्नत पर अमल करना

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जो मेरी उम्मत में बिगाड़ के वक्त मेरी सुन्नत को मजबूती से थामे रहेगा, उसके

इल्म की फजीलत

रसूलल्लाह (ﷺ) ने फरमाया : “इल्म की फजीलत इबादत की फजीलत से बेहतर है और दीन में बेहतरीन चीज़ तक़वा

बीमारों की इयादत करना

रसूलुल्लाह (ﷺ) बीमारों की इयादत करते और जनाजे में शरीक होते और गुलामों की दावत कबूल फरमाते थे।

नमाज़ के लिये पैदल आना

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “सब से जियादा नमाज का सवाब उस आदमी को मिलेगा जो सबसे जियादा पैदल चल

मस्जिद की सफाई का इन्आम

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: “जो शख्स मस्जिद का कूड़ा करकट साफ़ करेगा, अल्लाह तआला उस का घर जन्नत में बनायेगा।”

कुंवां खुदवाने का सवाब

रसूलल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जिस ने पानी का कुंवा खुदवाया और उस से किसी प्यासे परिन्दे, जिन या इन्सान

अज़ान का जवाब देना

एक आदमी ने अर्ज किया: “या रसूलल्लाह (ﷺ) ! मोअज्जिन हज़रात फजीलत में हम से आगे बढ गए। रसुलल्लाह (ﷺ)

कुरआन की तिलावत करना

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “कुरआन शरीफ की तिलावत किया करो, इस लिए के कयामत के दिन अपने साथी (यानी

अज़ान देने की फ़ज़ीलत

रसुलल्लाह (ﷺ) ने फर्माया: “जिस शख्स ने बारा साल तक अजान दी, उस के लिये जन्नत वाजिब हो गई और

close
Ummate Nabi Android Mobile App