Browsing Tag

सुनन इब्ने माजा

ख़्वातीन और नमाज़े ईद।

पोस्ट 24 : ख़्वातीन और नमाज़े ईद।उम्मे अ़तिय्या फ़रमाती हैं: हमें इस बात का हुक्म दिया गया था कि हम ईदैन में हाएज़ा और पर्दानशीन (कुंवारी) ख़्वातीन को भी (ईदगाह) ले आएं ताकि वो मुसलमानों की जमात और उन की दुआ़ में शामिल हो…
Read More...

औरत और इल्मी तह़क़ीक़ व उलमा से सवाल।

पोस्ट 23 : औरत और इल्मी तह़क़ीक़ व उलमा से सवाल।इब्ने अबी मुलैका से रिवायत है कि;❝ नबी ﷺ की ज़ौजा मोहतरमा आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा का मुआ़मला ये था कि जब भी वो नबी ﷺ से कोई बात सुनती और वो बात उन की समझ में ना आती तो उसे दोबारा…
Read More...

ख़्वातीन का मस्जिद में आना।

पोस्ट 22 : ख़्वातीन का मस्जिद में आना।इब्ने उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि;❝ उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु की ज़ौजा मोहतरमा फ़ज़्र और इशा की नमाज़ मस्जिद में बाजमात अदा करती थीं। उन से किसी ने पूछा: आप क्यूं (नमाज़ के लिए) घर से…
Read More...

औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना।

पोस्ट 21 : औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना।अबू सईद खुद्री रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं:❝ एक औ़रत अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, आप की बातें तो स़िर्फ़ मर्दों ही को सुनने मिलती हैं। लिहाज़ा आप कोई दीन…
Read More...

औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं।

पोस्ट 20 : औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं।आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ से पूछा गया कि:❝एक शख़्स़ (नींद से जागने पर कपड़ों में) गीलापन देखे लेकिन उसे एह्तेलाम याद ना हो (तो वो क्या करे ?) आप ने फ़रमाया: वो…
Read More...

बीवियों से मिज़ाह़ करना।

पोस्ट 19 : बीवियों से मिज़ाह़ करना।आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं:❝ मैं एक सफ़र में नबी ﷺ के साथ थी, और उस वक़्त बस एक दुबली पतली लड़की ही थी। अल्लाह के नबी ﷺ ने साथ वाले लोगों से कहा: तुम लोग आगे निकल चलो। फ़िर मुझसे कहा: आओ…
Read More...

ह़ाएज़ा औ़रत से शफ़कत व मुहब्बत से पेश आना।

पोस्ट 18 : ह़ाएज़ा औ़रत से शफ़कत व मुहब्बत से पेश आना।आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं:❝ मैं ह़ैज़ की हालत में हुवा करती और पानी पी कर बर्तन अल्लाह के नबी ﷺ को दे दिया करती। आप वहीं से मुंह लगा कर पीते जहां से मैं ने पिया था।…
Read More...

औ़रत टेढ़ी पस्ली से बनी है।

पोस्ट 17 : औ़रत टेढ़ी पस्ली से बनी है।अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ औ़रत पस्ली की त़रह़ है, अगर तू उसे सीधा करने की कोशिश करे तो उस को तोड़ देगा। और अगर तू उस से फ़ायदा हासिल करना चाहे…
Read More...

अच्छा मुस्लमान वो है जो अपने घर वालों से अच्छा हो

पोस्ट 16 : अच्छा मुस्लमान वो है जो अपने घर वालों से अच्छा होअबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ ईमान वालों में सब से कामिल ईमान वाले वो हैं जो अख़्लाक़ में ज्यादा अच्छे हो, और तुम में सब से…
Read More...

औ़रत की कमियों के बावजूद उस से नफ़रत ना करने का हुक्म

पोस्ट 15 : औ़रत की कमियों के बावजूद उस से नफ़रत ना करने का हुक्मअबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ कोई मोमिन मर्द किसी मोमिन औ़रत से नफ़रत ना रखे, अगर इस में कोई स़िफ़त उसे नापसंद हो भी तो…
Read More...

औ़रत का मर्द पर ह़क़

पोस्ट 14 : औ़रत का मर्द पर ह़क़मआ़विया अल कुशैरी रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत हैं, फ़रमाते हैं: मैं ने अर्ज़ किया:❝ ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ हमारी बीवियों का हम पर क्या ह़क़ है ? आप ﷺ ने फ़रमाया: ये कि जब तुम खाओ तो उन्हें भी खिलाओ, और…
Read More...

बीवियों में अ़दल की अहमियत

पोस्ट 13 : बीवियों में अ़दल की अहमियतअबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ जब किसी शख़्स़ की दो बीवियां हो, और वो उन के दरमियान अ़दल ना करे तो क़ियामत के दिन वो इस हाल में आएगा कि उस का एक…
Read More...

शोहर की ह़ाजत की रिआ़यत करने की अहमियत

पोस्ट 12 : शोहर की ह़ाजत की रिआ़यत करने की अहमियतअबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ उस जात की क़सम जिस के हाथ में मेरी जान है! जो भी शख़्स़ अपनी बीवी को अपने बिछोने की त़रफ़ बुलाता है और…
Read More...

शोहर को राज़ी करने की फ़ज़ीलत

पोस्ट 11 : शोहर को राज़ी करने की फ़ज़ीलतइब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ क्या मैं तुम्हें जन्ऩती मर्द कौन हैं ना बतादूं ? लोगों ने अ़र्ज़ किया: ज़रूर ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ ! आप ने…
Read More...

शोहर की नाशुक्री का अन्जाम

पोस्ट 10 : शोहर की नाशुक्री का अन्जामइब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ मुझे जहन्ऩम दिखाई गई तो मैं ने देखा कि उस में अक्सरिय्यत औ़रतों की है । (क्यूंकि) वो (नाशुक्री, इन्कार) करती…
Read More...

शोहर का बीवी पर हक़

पोस्ट 09 : शोहर का बीवी पर हक़"अब्दुल्लाह बिन औफ़ रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, फ़रमाते हैं:" जब मुआ़ज़ रज़िअल्लाहु अ़न्हु मुल्के शाम से लौटे तो आते ही नबी ﷺ के आगे सज्दे में गिर गए।आप ﷺ ने पूछा: ऐ मुआ़ज़ ये क्या है ? वो…
Read More...

दीन व दुनिया में शोहर का तआ़वुन करना

पोस्ट 08: दीन व दुनिया में शोहर का तआ़वुन करना"अबू उमामा रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि" अल्लाह के रसूल ﷺ ने मुआ़ज़ बिन ज़बल से फ़रमाया: ❝ऐ मुआ़ज़! शुक्र करने वाला दिल, ज़िक्र करने वाली ज़बान और नेक बीवी जो दुनिया और दीन के…
Read More...

शोहर की फ़रमांबरदारी की फ़ज़ीलत

पोस्ट 07: शोहर की फ़रमांबरदारी की फ़ज़ीलत"अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि" "अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:" ❝ जब एक औ़रत अपनी पांच नमाज़ें अदा करे, (रमज़ान के) महीने के रोज़े रखे, अपनी शरमगाह की हिफ़ाज़त करे, और अपने…
Read More...

बेहतरीन बीवी कौन ?

पोस्ट 06: बेहतरीन बीवी कौन ?"अब्दुल्लाह बिन सलाम रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि" "अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:" ❝ सब से बेहतरीन औ़रत (बीवी) वो है कि जब तू उसे देखे तो वो तुझे ख़ुश करे, और जब तू उसे कोई हुक्म दे तो तेरी…
Read More...

किस औ़रत से निकाह़ बेहतर है ?

पोस्ट 05: किस औ़रत से निकाह़ बेहतर है ?"अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि" "अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:" ❝औ़रत से चार चीज़ों की बुनियाद पर निकाह़ किया जाता है । उसके माल, उसके ख़ानदान, उसकी खूबसूरती और उसके दीन की…
Read More...

बेहतरीन औ़रत और बद्तरीन औ़रत

पोस्ट 04: बेहतरीन औ़रत और बद्तरीन औ़रतअबू उज़ैना सदफ़ी रज़िअल्लाह अ़न्हु रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: तुम्हारी औ़रतों में बेहतरीन औ़रत वो हैं जो निहायत मुहब्बत करने वाली, खूब औलाद वाली, शोहर की मुवाफ़िक़त करने वाली और…
Read More...

नेक औ़रत बेहतरीन मताअ़् है…

पोस्ट 03: नेक औ़रत बेहतरीन मताअ़् हैअब्दुल्लाह बिन अ़म्र से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: "दुनिया मताअ़् है, और दुनिया की बेहतरीन पूंजी नेक औ़रत है।"(मुस्लिम: अर् रिज़ाअ़ 6228) रावी इब्ने अ़म्र…
Read More...

मां बेहतरीन सुलुक की ह़क़दार है…

पोस्ट 02: मां बेहतरीन सुलुक की ह़क़दार हैअबू हुरैराह रजिअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है फ़रमाते हैं: एक शख़्स़ अल्लाह के रसूल ﷺ के पास आया और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, मेरे अच्छे सुलूक का सबसे ज़ियादा ह़क़दार कौन है ? आप ﷺ ने फ़रमाया: तेरी…
Read More...

अल्लाह की रह़मत समझाने के लिए मां की रह़मत की त़रफ़ इशारा करना

पोस्ट 01: अल्लाह की रह़मत समझाने के लिए मां की रह़मत की त़रफ़ इशारा करनाउमर बिन ख़त्ताब रजिअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि वो अल्लाह के नबी ﷺ के पास कुछ क़ैदी ले कर आए । उन कैदियों में एक औ़रत भी थी जो (अपने) बच्चे को तलाश कर रही थी ।…
Read More...

जो कोई दिल से ‘अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन’ कहेगा उसके लिए 30 नेकियां लिखी जाएगी

🌟 रसूलअल्लाह (सलअल्लाहू अलैही वसल्लम) ने फरमाया : ❝जो कोई दिल से अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन कहेगा (यानी ज़ुबान के साथ दिल से भी इसका यकीन हो की तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं और वही सारे जहाँ का पालने वाला है) तो उसके लिए 30 नेकियां…
Read More...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. AcceptRead More