30 Shawwal

30. शव्वाल | सिर्फ पाँच मिनट का मदरसा

हजरत सुहेल बिन अम्र (र.अ), एक वसक जौ में बरकत, बीवी को उस का महर देना, औलाद के फर्माबरदार होने के लिए, पहली सफ की फजीलत, कुरआन का मज़ाक उड़ाना, माल की मुहब्बत अल्लाह की नाशुक्री का सबब है, हर शख्स मौत के बाद अफ़सोस करेगा, बड़ी बीमारियों से हिफ़ाज़त, हमेशा ऐसे शख्स को देखो जो …

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