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All Hadees in Hindi Images

जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

" कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी 'यानि' मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है ।"- बकरा ईद का असल नाम "ईदुल-अज़हा" है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक "ईदुल फ़ित्र" और दूसरा "ईदुल…
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ईद उल अजहा / क़ुरबानी ईद मुबारक। Eid ul Adha Mubarak 2020

ईद उल अजहा (क़ुरबानी ईद) हर मुसलमान के लिए एक अहम मौका होता है।कुछ लोगो की गलतफहमी है कि इस्लाम की स्थापना मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने की, ये बात वो बिना लेखक की फालतु किताब वाले बोलेंगे जिन्हे इस्लाम के नाम से हमेशा डराया जाता…
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शबे क़द्र और इस की रात का महत्वः (शबे क़द्र की फ़ज़ीलत हिंदी में)

शबे क़द्र का अर्थ: रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है, जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है। जिसे शबे क़द्र कहा जाता है। शबे क़द्र का अर्थ होता हैः "सर्वश्रेष्ट रात", ऊंचे स्थान वाली रात”, लोगों के नसीब लिखी जानी वाली रात।शबे क़द्र बहुत…
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इसरा और मेराज एक चमत्कार | Isra aur Meraj ka Safar

मेराज की घटना मुहम्मद (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) का एक महान चमत्कार है, और इस में आप (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) को अल्लाह ने विभिन्न निशानियों का जो अनुभव कराया यह भी अति महत्वपूर्ण है। मेराज के दो भाग हैं, प्रथम भाग को इसरा और दूसरे को मेराज कहा…
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संदेह पैदा करनेवाले को छोड़कर निःसंदेह वाले को स्वीकार करें। सत्य शांति है और असत्य शंका।” (हजरत…

अनिश्चित्व/ संदेह में शांति नहीं। “संदेह पैदा करनेवाले को छोड़कर निःसंदेह वाले को स्वीकार करें। सत्य शांति है और असत्य शंका।” (हजरत मुहम्मद ﷺ) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com
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तुम में सबसे अच्छा वह है जो अपनी क़ौम के लोगों के अत्याचार का विरोध करे और स्वयं वह पाप न करे।

पैग़म्बर मुहम्मद(ﷺ) ने फ़रमाया: "तुम में सबसे अच्छा वह है जो अपनी क़ौम के लोगों के अत्याचार का विरोध करे और स्वयं वह पाप न करे।" 📕 अबू दाऊद Source: islamshantihai.com
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सताए हुए की ‘आह’ से बचो क्यूंकि उसके और अल्लाह के मध्य कोई रुकावट नहीं होती।

पैग़म्बर मुहम्मद (ﷺ) ने फरमाया कि: "सताए हुए की 'आह' से बचो क्यूंकि उसके और अल्लाह के मध्य कोई रुकावट नहीं होती।" (बुख़ारी) Source: islamshantihai.com
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जो शख्स रिश्तेदारों का हक अदा करने के लिए सदके का दरवाज़ा खोलता है तो अल्लाह तआला उस की दौलत को बढ़ा…

♥ हदीसे नबवी (ﷺ) : रसूलअल्लाह (सलल्लाहू अलैहि वसल्लम) फरमाते है, “जो शख्स रिश्तेदारों का हक अदा करने के लिए सदके का दरवाज़ा खोलता है तो अल्लाह तआला उस की दौलत को बढ़ा देता है” – (मुस्नदे अहमद: 9624) Source: islamshantihai.com
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किसी मोमिन (आस्तिक) के लिए ये उचित नहीं कि उसमें लानत करते रहने की आदत हो।

पैग़म्बर मुहम्मद ने फरमाया: "किसी मोमिन (आस्तिक) के लिए ये उचित नहीं कि उसमें लानत करते रहने की आदत हो।" 📕 तिरमिज़ी Source: islamshantihai.com
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जो कोई दिल से ‘अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन’ कहेगा उसके लिए 30 नेकियां लिखी जाएगी

अलहम्दुलिल्लाह की फ़ज़ीलत - 30 नेकियां और 30 गुनाह मुआफ

🌟 रसूलअल्लाह (सलअल्लाहू अलैही वसल्लम) ने फरमाया : ❝जो कोई दिल से अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन कहेगा (यानी ज़ुबान के साथ दिल से भी इसका यकीन हो की तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं और वही सारे जहाँ का पालने वाला है) तो उसके लिए 30 नेकियां…
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कजाए उमरी नमाज़ की हकीकत: हिंदी में

कजाए उमरी पढना कैसा है। तफसीली वजाहत | Qaza e Umri Namaz ki hakikat

अक्सर रमजान का आखरी जुमा आने तक कजा नमाज वाली पोस्ट शोशल मिडीया पर वायरल होती रहती है, यह मैसेज किसने अपलोड किया, कोई नहीं जानता! लेकिन ताज्जुब इस बात का है के, यह कुछ मुसलमान भाई बिना सोचे समझे ऐसे मैसेज खूब फोर्वड कर रहे है , अल्लाह रेहम…
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रमज़ान का महिना … जानिए: इसमें क्या है हासिल करना ?

Ramzan me karne wali Ibadat aur Uska Sawaab

हम मुसलमानों ने कुरआन की तरह रमज़ान को भी सिर्फ सवाब की चीज़ बना कर रख छोड़ा है, हम रमज़ान के महीने से सवाब के अलावा कुछ हासिल नहीं करना चाहते इसी लिए हमारी ज़िन्दगी हर रमज़ान के बाद फ़ौरन फिर उसी पटरी पर आ जाती है जिस पर वो रमज़ान से पहले चल रही…
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इस्लाम सुलह और शांति सिखाता है

Islam hume Sulah aur Shanti sikhata hai

♥ मफहूम-ऐ-हदीस ﷺ अल्लाह के नबी (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) ने एक रोज़ सहाबा से फ़रमाया: "क्या मै तुम्हे उस चीज़ के बारे में न बता दू जिसका दर्जा रोज़े , नमाज़ , सदके से भी ज्यादा ?" लोगो ने जवाब दिया: ए अल्लाह के रसूल! हमे जरुर बताये!आप…
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