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Ahadit in Hindi

जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

"कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी 'यानि' मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है" - (कुरआन 6:162) *बकरा ईद का असल नाम "ईदुल-अज़हा" है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक "ईदुल फ़ित्र" और दूसरा…
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हज की हिकमत – हज का असल मकसद (Hajj ki Hikmatain aur Maksad)

यह बात हर मुसलमान जानता है कि हज इस्लाम की बुन्यादों में से एक है, और हज अदा करने के फज़ाईल भी लोग आम तौर पर जानते ही हैं लेकिन अक्सर मुसलमान "हज की हिकमत" से अनजान हैं और जिस इबादत से हिकमत निकल जाती है वह इबादत एक बेजान जिस्म की तरह रह…
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चाँद के टूटने के विश्वास से सिद्ध होते है वैज्ञानिक तथ्य

Chand ke do tukde hone ka Waqia in Hadith

बहुत समय से गैर मुस्लिम भाईयों को मुस्लिमों के इस विश्वास का मजाक उडाते देख रहा हूँ कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने चांद के दो टुकड़े कर दिए थे ,ये लोग कहते हैं कि मुसलमान बार बार इस्लाम धर्म को विज्ञान पर खरा उतरने वाला धर्म बताते…
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आब ए ज़म ज़म !! Part 2 – एक खातून का इबरतनाक अकीदा

!! आब-ए-जमजम से मोरक्को के महिला की एक इबरतनाक हकीकत !! आब ए जमजम के करिश्मे की दास्तां सुनिए इस मोरक्को की महिला से जो कैसर से पीडि़त थीं। वे अल्लाह के दर पर पहुंची और शिफा की नीयत से आब ए जमजम का इस्तेमाल किया। अल्लाह ने उसे इस लाइलाज…
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कुरआन और हदीस के अध्ययन के बाद मुझे अपनी जिंदगी का मक्सद इस्लाम में ही नजर आया: सिस्टर विक्टोरिया…

सिस्टर विक्टोरिया (अब आयशा) की इस्लाम अपनाने की दास्तां बड़ी दिलचस्प है। उनका पहली बार मुसलमान और इस्लाम से सामना 2002 में तब हुआ जब उन्होंने सेना की नौकरी जॉइन की और सऊदी अरब के सैनिकों के सम्पर्क में आई। और फिर उन्होंने साल 2011 में…
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क़ुरआन मे मानव जीवन के लिये है – “समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व-भावना” : विशम्भर नाथ…

"क़ुरआन ने मनुष्य के आध्यात्मिक, आर्थिक और राजकाजी जीवन को जिन मौलिक सिद्धांतों पर क़ायम करना चाहा है उनमें लोकतंत्र को बहुत ऊँची जगह दी गई है और समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व-भावना के स्वर्णिम सिद्धांतों को मानव जीवन की बुनियाद ठहराया गया है।"…
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Kuch badi Baat thi jo hotey Musaman bhi Ek

कुछ बड़ी बात थी जो होते तुम सब मुसलमान भी ऐक

सीरिया , बर्मा, पलेस्थिन और दुनीया के किसी भी कोने में कोई मुसलमान क़त्ल कर दिया जाता है तो कोई नहीं पूछता के वो किस फिरके का था , बरेलवी था, अहले हदीस या देओबंदी था ,. मसलक क्या था उसका ? कही फलाह और फलाह का मुरीद तो नहीं था ,. बल्कि सबने…
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इस्लाम में शराब पीने की क्यों मनाही है – Why Alcohol prohibited in Islam ?

• प्रश्नः इस्लाम में शराब पीने की मनाही क्यों है ? » उत्तरः मानव संस्कृति की स्मृति और इतिहास आरंभ होने से पहले से शराब मानव समाज के लिए अभिशाप बनी हुई है। यह असंख्य लोगों के प्राण ले चुकी है। यह क्रम अभी चलता जा रहा है। इसी के कारण विश्व…
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इस्लाम में नारी का महत्व और सम्मान

यदि आप धर्मों का अध्ययन करें तो पाएंगे कि हर युग में महिलाओं के साथ सौतेला व्यवहार किया गया, * हर धर्म में महिलाओं का महत्व पुरुषों की तुलना में कम रहा। बल्कि उनको समाज में तुच्छ समझा गया, उन्हें प्रत्येक बुराइयों की जड़ बताया गया, उन्हें…
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भ्रूणशास्त्र की आयते देखकर डॉ किथ मूर को विश्वास हो गया के “कुरान ईश्वरीय ग्रन्थ है”

प्रो. डॉ. कीथ मूर जो कि वर्तमान समय मे विश्व मे एम्ब्रियोलॉजी अर्थात् भ्रूण शास्त्र के सबसे बड़े ज्ञाता माने जाते हैं, और टोरंटो विश्वविद्यालय (कनाडा) के डिपार्टमेण्ट आफ एनाटॉमी एण्ड सेल बॉयोलॉजी मे विभागाध्यक्ष रह चुके हैं, इन्होंने जब शोध…
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ज़कात क्या है ? और किसको देनी चाहिये ?

रमज़ान के अशरे में सब मुसलमान अपनी साल भर की कमाई की ज़कात निकालते है। तो ज़कात क्या है ? *कुरआन मजीद में अल्लाह ने फ़र्माया है : "ज़कात तुम्हारी कमाई में गरीबों और मिस्कीनों का हक है।" ज़कात कितनी निकालनी चाहिये इसके लिए आप इस ऑडियो को…
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