Browsing Tag

Ahadees in Hindi

जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

" कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी 'यानि' मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है ।"- बकरा ईद का असल नाम "ईदुल-अज़हा" है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक "ईदुल फ़ित्र" और दूसरा "ईदुल…
Read More...

ईद उल अजहा / क़ुरबानी ईद मुबारक। Eid ul Adha Mubarak 2020

ईद उल अजहा (क़ुरबानी ईद) हर मुसलमान के लिए एक अहम मौका होता है।कुछ लोगो की गलतफहमी है कि इस्लाम की स्थापना मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने की, ये बात वो बिना लेखक की फालतु किताब वाले बोलेंगे जिन्हे इस्लाम के नाम से हमेशा डराया जाता…
Read More...

99 क़ीमती बातें | कुरआन व हदीस की रौशनी में

1अल्लाह की याद से अपने दिल को ताज़ा दम रखा कीजिए। इस लिए के खुदा की याद क़ुलूब के लिए इत्मिनान का जरिया है। (सूरह राअद 28)2अल्लाह की ज़ात आली पर मुकम्मल भरोसा कीजिये। इस लिए के अल्लाह त’अला तवक़्क़ल करने वालों को…
Read More...

शबे क़द्र और इस की रात का महत्वः (शबे क़द्र की फ़ज़ीलत हिंदी में)

शबे क़द्र का अर्थ: रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है, जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है। जिसे शबे क़द्र कहा जाता है। शबे क़द्र का अर्थ होता हैः "सर्वश्रेष्ट रात", ऊंचे स्थान वाली रात”, लोगों के नसीब लिखी जानी वाली रात।शबे क़द्र बहुत…
Read More...

इसरा और मेराज एक चमत्कार | Isra aur Meraj ka Safar

मेराज की घटना मुहम्मद (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) का एक महान चमत्कार है, और इस में आप (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) को अल्लाह ने विभिन्न निशानियों का जो अनुभव कराया यह भी अति महत्वपूर्ण है। मेराज के दो भाग हैं, प्रथम भाग को इसरा और दूसरे को मेराज कहा…
Read More...

संदेह पैदा करनेवाले को छोड़कर निःसंदेह वाले को स्वीकार करें। सत्य शांति है और असत्य शंका।” (हजरत…

अनिश्चित्व/ संदेह में शांति नहीं। “संदेह पैदा करनेवाले को छोड़कर निःसंदेह वाले को स्वीकार करें। सत्य शांति है और असत्य शंका।” (हजरत मुहम्मद ﷺ) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com
Read More...

Baat me Narmi aur Bepardagi | Post 13 | Islam aur Humara Ghar

बात में नरमी और बेपर्दगी » पोस्ट 1⃣3⃣ » इस्लाम और हमारा घर

पोस्ट 1⃣3⃣ "इस्लाम और हमारा घर" बात में नरमी और बेपर्दगी अल्लाह तआ़ला ने फ़रमाया:"ऐ नबी की बीवियों! तुम आम औरतों की तरह नहीं हो, अगर तुम तक़्वा इख़्तियार करना चाहती हो तो बातों में लचक ना पैदा करो वरना जिसके दिल में बीमारी है वो…
Read More...

Kuffaro ki Mushabiyat me Shirqat | Post 12 | Islam aur Humara Ghar

कुफ्फारों की मुशाबियत में शिरकत » पोस्ट 1⃣2⃣ » इस्लाम और हमारा घर

पोस्ट 1⃣2⃣ "इस्लाम और हमारा घर" कुफ्फारों की मुशाबियत में शिरकत अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: "जो किसी क़ौम से मुशाबहत इख़्तियार करे वो उन्हीं में से है।"( अबूदाऊद ) रावी: इब्ने उमर (मोजमुल वसीत: हुज़ैफा रज़िअल्लाहु अ़न्हु) (…
Read More...

Baaz Halaaq karne waali cheeze | Post 11 | Islam aur Humara Ghar

बाज़ हलाक करने वाली चीज़ें » पोस्ट 1⃣1⃣ » इस्लाम और हमारा घर

पोस्ट 1⃣1⃣ "इस्लाम और हमारा घर" बाज़ हलाक करने वाली चीज़ें इब्ने अब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं: "अल्लाह के रसूल ﷺ ने उन मर्दो पर लानत भेजी है जो औरतों की मुशाबहत करते हैं और उन औरतों पर लानत की है जो मर्दो की मुशाबहत करती हैं।"…
Read More...

Gaane aur Mausiqi ki Mumaniat | Post 10 | Islam aur Humara Ghar

गाने और मौसीकी मुमानियत » पोस्ट 1⃣0⃣ » इस्लाम और हमारा घर

पोस्ट 1⃣0⃣ "इस्लाम और हमारा घर" गाने और मौसीकी मुमानियत इमरान बिन हुसैन रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं: अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:"इस उम्मत में ज़मीन का धंसना, लोगों के चेहरों का बदलना और पत्थरों की बारिश होने का अ़ज़ाब होगा ।…
Read More...

Kutte ko Ghar se Nikalna | Post 9 | Islam aur Humara Ghar

कुत्ते को घर से निकालना » पोस्ट 9⃣ » इस्लाम और हमारा घर

पोस्ट 9⃣ "इस्लाम और हमारा घर" कुत्ते को घर से निकालना अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: "फ़रिश्ते ऐसे घर में दाखिल नहीं होते जिसमें कुत्ता हो और ना ऐसे घर में जाते हैं जिसमें तस्वीर हो।"( अहमद, मुत्तफकुन अलैह, नसाई, तिर्मिज़ी, इब्ने माजा…
Read More...

Bekaar aur Befayda cheezo ko Ghar se bahar Nikalna | Post 8 | Islam aur Humara Ghar

मुन्कर और बे फायदा चीज़ों का घर से निकालना » पोस्ट 8⃣ » इस्लाम और हमारा घर

पोस्ट 8⃣ "इस्लाम और हमारा घर" मुन्कर और बे फायदा चीज़ों का घर से निकालना अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: "जिसने किसी चीज़ को लटकाया तो उसके सुपुर्द कर दिया गया " ( तिर्मिज़ी ) रावी: अब्दुल्लाह बिन उकैम अबी माबद अल जोहनी रज़िअल्लाहु…
Read More...

Ghar me Surah Baqrah ki Qira’at | Post 7 | Islam aur Humara Ghar

घर में सूरह बकराह की किरात » पोस्ट 7⃣ » इस्लाम और हमारा घर

पोस्ट 7⃣ "इस्लाम और हमारा घर" घर में सूरह बकराह की किरात अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: "तुम अपने घरों को क़बरस्तान ना बनाओ, बिलाशुबा शैतान उस घर से भागता है जिस घर में सूरह बकराह पढ़ी जाती हो।"(अहमद, तिर्मिज़ी) रावी: अबू हुरैराह…
Read More...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. AcceptRead More