Browsing Tag

अबू दाऊद

ज़िक्रे इलाही (अल्लाह के ज़िक्र) की फ़ज़ीलत : हदीस

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: “जो किसी जगह बैठे और उसमें वो अल्लाह का जिक्र ना करे, तो यह बैठक अल्लाह की तरफ से उसके लिए बाइसे हसरत व नुकसान होगी और जो किसी जगह लेटे और उसमें अल्लाह को याद ना करे तो लेटना उसके लिए अल्लाह की तरफ से बाइसे…
Read More...

बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई।

पोस्ट 29 : बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई। सौबान रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जो भी औ़रत बिला किसी मजबूरी के अपने शोहर से तलाक़ का मुतालबा करती है उस पर जन्ऩत की खुश्बू ह़राम है। ❞  📕 मुस्नद…
Read More...

शोहर के माल में से स़दका करने की गुंजाइश।

पोस्ट 26 : शोहर के माल में से स़दका करने की गुंजाइश। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि; अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ एक औ़रत जब अपने शोहर की कमाई में से उसके हुक्म के बग़ैर (ख़ैर के कामों में) ख़र्च करती है तो उस को…
Read More...

नबी ﷺ के दौर में औ़रतों का फ़रमाने नबवी की ताबेदारी करना।

पोस्ट 25 : नबी ﷺ के दौर में औ़रतों का फ़रमाने नबवी की ताबेदारी करना। अब्दुल्लाह बिन अ़म्र बिन आ़स़ रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि: ❝ एक औ़रत अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और उसके साथ उसकी बेटी थी जिसके हाथों में सोने के मोटे मोटे कंगन…
Read More...

औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना।

पोस्ट 21 : औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना। अबू सईद खुद्री रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं: ❝ एक औ़रत अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, आप की बातें तो स़िर्फ़ मर्दों ही को सुनने मिलती हैं। लिहाज़ा आप कोई दीन…
Read More...

औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं।

पोस्ट 20 : औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं। आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ से पूछा गया कि: ❝एक शख़्स़ (नींद से जागने पर कपड़ों में) गीलापन देखे लेकिन उसे एह्तेलाम याद ना हो (तो वो क्या करे ?) आप ने फ़रमाया: वो…
Read More...

बीवियों से मिज़ाह़ करना।

पोस्ट 19 : बीवियों से मिज़ाह़ करना। आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं: ❝ मैं एक सफ़र में नबी ﷺ के साथ थी, और उस वक़्त बस एक दुबली पतली लड़की ही थी। अल्लाह के नबी ﷺ ने साथ वाले लोगों से कहा: तुम लोग आगे निकल चलो। फ़िर मुझसे कहा: आओ…
Read More...

औ़रत का मर्द पर ह़क़

पोस्ट 14 : औ़रत का मर्द पर ह़क़ मआ़विया अल कुशैरी रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत हैं, फ़रमाते हैं: मैं ने अर्ज़ किया: ❝ ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ हमारी बीवियों का हम पर क्या ह़क़ है ? आप ﷺ ने फ़रमाया: ये कि जब तुम खाओ तो उन्हें भी खिलाओ, और…
Read More...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More