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जन्नत

1 रजब | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

हज़रत अबू बक्र सिद्दीक (र.अ), मुश्क अल्लाह के खजाने से आता है, इस्लाम की बुनियाद, सुन्नत ज़िन्दा करने की फजीलत, नमाज़े इश्राक की फ़ज़ीलत, सूद खाने और खिलाने पर लानत, दुनिया दार का घर और माल...
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जन्नत के फल और दरख्तों का साया

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है: "मुत्तकियों से (तक़वा वालो से) जिस जन्नत का वादा किया गया है, उसकी कैफियत यह है के उसके नीचे नहरें जारी होंगी और उसका फल और साया हमेशा रहेगा।"
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जन्नत वालों का इनाम व इकराम

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: "(जन्नती लोग) जन्नत में सलाम के अलावा कोई बेकार व बेहूदा बात नहीं सुनेंगे और जन्नत में सुबह व शाम उनको खाना (वगैरह) मिलेगा। यही वह जन्नत है, जिसका मालिक हम अपने बन्दों में से उस शख्स को बनाएँगे, जो…
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जन्नत का खेमा

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : "जन्नत में मोती का खोलदार खेमा होगा, जिस की चौड़ाई साठ मील ही होगी। उस के हर कोने में जन्नतियों की बीवियाँ होंगी, जो एक दूसरी को नहीं देख पाएँगी और उनके पास उनके शौहर आते जाते रहेंगे।"
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जन्नत में दाखिल करने वाले आमाल

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “अल्लाह तआला की इबादत करते रहो, खाना खिलाते रहो और सलाम फैलाते रहो, (इन आमाल की वजह से जन्नत में सलामती के साथ दाखिल हो जाओगे।”
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जन्नत में दाखले के लिये ईमान शर्त है

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : "जिस शख्स की मौत इस हाल में आए, के वह अल्लाह तआला पर और क़यामत के दिन पर ईमान रखता हो, तो उससे कहा जाएगा, के तूम जन्नत के आठों दरवाज़ों में से जिस से चाहो दाखिल हो जाओ।"
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