शोहर की फ़रमांबरदारी की फ़ज़ीलत

पोस्ट 07:
शोहर की फ़रमांबरदारी की फ़ज़ीलत

“अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि”
“अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:”
जब एक औ़रत अपनी पांच नमाज़ें अदा करे, (रमज़ान के) महीने के रोज़े रखे, अपनी शरमगाह की हिफ़ाज़त करे, और अपने शोहर की फ़रमांबरदारी करे तो वो (कियामत के दिन) जन्ऩत के जिस दरवाज़े से चाहे उस में दाख़िल होगी ।

📕 इब्ने ह़िब्बान
📕 सहीह अल जामे 660

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

 

Rate this post

Leave a Reply

Related Posts: