संदेह पैदा करनेवाले को छोड़कर निःसंदेह वाले को स्वीकार करें। सत्य शांति है और असत्य शंका।” (हजरत मुहम्मद ﷺ)

अनिश्चित्व/ संदेह में शांति नहीं।

संदेह पैदा करनेवाले को छोड़कर निःसंदेह वाले को स्वीकार करें। सत्य शांति है और असत्य शंका।”

(हजरत मुहम्मद ﷺ)

Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

Share on:

Related Posts:

Trending Post

close
Ummate Nabi Android Mobile App