हाथ से ख़ुश्बू निकलना

۞ हदीस: हज़रत उम्मे सलमा (र.अ) फर्माती हैं के,

जिस दिन रसूलुल्लाह (ﷺ) की वफात हुई, उस दिन मैंने हुजूर (ﷺ) के सीन-ए-मुबारक पर हाथ रखा था,

उस के बाद एक जमाना गुजर गया, मैं उस हाथ से खाती रही और उस को धोती रही,

लेकिन मेरे उस हाथ से मुश्क की खुश्बू ख़त्म नहीं हुई।

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📕 बैहकी की दलाइलिन्नुबुव्वह : ३१५१

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