मिन्हाज के परिवार को है मदद की दरकार

जामताड़ा: झारखंड के जामताड़ा जिले में मोबाइल की दुकान चला अपना और अपने परिवार का पेट पालने वाले 22 साल की उम्र के मिन्हाज का परिवार आज सदमें में है। इस सदमे और नामोशी की वजह बना है व्हाट्सएप पर भेजा गया बीफ से जुड़ा एक मेसेज जिसकी वजह से पुलिस हिरासत में मिनहाज की इस कदर पिटाई की गई कि हाथों पैरों की उँगलियाँ और गर्दन की हड्डी तोड़ डालने वाले टॉर्चर ने मिन्हाज की जान ले ली।

*मिन्हाज की मौत के बाद सच बोलने की हिम्मत रखने वाले मीडिया चैनलों और अखबारों ने पुलिस और सरकार की कार्यशैली पर कई तरह के सवाल उठाये हैं।

इनमें से कुछ सवालों के जवाब मीडिया के सामने तो कुछ के जवाब कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान दे दिए जाएंगे। लेकिन फिलहाल मिन्हाज के परिवार के सामने सामने सबसे बड़ा सवाल है ज़िन्दगी बसर करने का। पुलिस की भयंकर मार न झेल पाने की वजह से 9 अक्टूबर को ज़िन्दगी की आखिरी साँसे लेने वाले मिन्हाज के परिवार का वो एकमात्र सहारा था। हालाँकि मिन्हाज के क़त्ल के इल्जाम में थाने
के सब इंस्पेक्टर हरीश पाठक को सस्पेंड कर मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन मिन्हाज के परिवार में उसकी मां अझोला बीबी, बाप उमर मियां, पांच भाइयों एक बहन, मिन्हाज की विधवा बीवी और छोटी बच्ची को आपकी मदद की दरकार है। इस बेसहारा हो चुके परिवार की मदद के लिए आगे आयें और किसी के चेहरे पर मुस्कराहट लौटने में मदद करें।

मदद भेजने के लिए खाते की जानकारी:
अकाउंट होल्डर: अझोला बीबी और उम्र मियां (सांझा खाता)
अकाउंट नंबर: 31364383352
बैंक: State of India (Chainpur Branch)
आईएफएस कोड: SBIN0008083
एमआईसीआर कोड: 814002510
मोबाईल नंबर: 09631181367 (क़ादिर अंसारी)

बराए मेहरबानी इस मजलूम परिवार की मदद के लिए आगे आयें और किसी के चेहरे पर मुस्कराहट लौटने में मदद करें।
*कुछ न हो सके तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पोहचाने की कोशिश जरुर करे ! इंशाल्लाह आपके १ शेयर से न जाने ये न्यूज़ किसी ऐसे शख्स तक पोहच जाये जो हकीकत में इनके काम आये ..

जजाक्ल्लाहू खैरण कसीरा !

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*साभार: हिंदी सियासत

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