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नमाज का तरीका | Namaz in Hindi

नमाज़ का तरीका बहोत आसान है। नमाज़ या तो २ रक’आत की होती है, या ३, या ४ रक’आत की। एक रक’आत में एक क़याम, एक रुकू और दो सजदे होते है। नमाज़ का तरीका कुछ इस तरह है –

कुरआन क्या है | कब और कैसे नाज़िल हुआ – जानिए | What is Quran

कुरान क्या है | कब और कैसे नाज़िल हुआ – जानिए | What is Quran | कुरान का बुनियादी तारुफ, कुरान कहा से आई और किसने लिखी जानीये तारीख की रोशनी में

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۞ अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातूहु ۞ उम्मत-ए-नबी.कॉम की जानीब से आप सभी रीडर हज़रात से अपील है के इस कमजोर वक्त में हमारा साथ निभाए। आप जरा सोचे […]

जानिए – रोज़ा क्या और क्यों ?

इंसान के बुनियादी सवाल !!! इस सम्पूर्ण विश्व और इंसान का अल्लाह (ईश्वर) एक है। ईश्वर ने इंसान को बनाया और उसकी सभी आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रबंध किया। […]

रमज़ान का महिना … जानिए: इसमें क्या है हासिल करना?

हम मुसलमानों ने कुरआन की तरह रमज़ान को भी सिर्फ सवाब की चीज़ बना कर रख छोड़ा है, हम रमज़ान के महीने से सवाब के अलावा कुछ हासिल नहीं करना चाहते इसी लिए हमारी ज़िन्दगी हर रमज़ान के बाद फ़ौरन फिर उसी पटरी पर आ जाती है जिस पर वो रमज़ान से पहले चल रही थी

Viral News: इज्तमा में लगी आग, बहादुर मुसलमानो का वीडियो हो रहा वायरल

इज्तेमा में सिलेंडर में लगी आग, बहादुर मुसलमानों ने जिस तरह किया हालात को काबू, वीडियो हो रहा सोशल मीडिया पर वायरल सोशल मीडिया पर कुछ दिनों से एक वीडियो […]

Islam Dharm kitna purana hai | इस्लाम धर्म कितना पुराना है ?

islam dharm kitna purana hai | इस्लाम को आमतौर पर 1400 साल पुराना माना जाता है, यद्यपि यह धर्म मानव इतिहास से जितना पुराना है, उतना ही पुराना है। हज़रत मुहम्मद (सल्ल॰) इस्लाम के ‘सस्थापक’ के रूप में माना जाता है, जबकि हकीकत यह है कि वे धर्म के अंतिम प्रवक्ता थे। इस्लाम की वास्तविकता और इतिहास को समझने का मुख्य माध्यम इसका मूल ग्रंथ ‘कुरान’ है, जो इस्लाम की उत्पत्ति के बारे में वर्णन करता है।

तोहफा देने वाले के साथ सुलूक

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया: “जिस शख्स को हदिया (तोहफा) दिया जाए, अगर उस के पास भी देने के लिए हो, तो उसको बदले में हदिया देने वाले को दे देना […]

दिल की कमज़ोरी का इलाज

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: “तुम लोग सन्तरे का इस्तेमाल किया करो, क्योंकि यह दिल को मज़बूत बनाता है।” 📕 कंजुल उम्माल : २८२५३ फायदा : मुहद्दिसीन तहरीर फ़रमाते हैं के […]

कंजूसी करने का गुनाह

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है : “जो लोग अल्लाह तआला के अता करदा माल व दौलत को (खर्च करने में) बुख्ल (कंजूसी) करते हैं, वह बिल्कुल इस गुमान में […]

यतीम की परवरिश करना

रसुलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : “मुसलमानों में बेहतरीन घर वह है, जिसमें कोई यतीम हो और उससे अच्छा सुलूक किया जाए और मुसलमानों में बदतरीन घर वह है जिस में […]

अपने मातहत लोगो का ख्याल करो

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने मातहत और यतीमों के बारे में फरमाया: “तुम अपनी औलाद की तरह उन का इकराम करो और जो तुम खाते हो उन को भी वही खिलाओ।” 📕 […]

अरबों की अखलाक़ी हालत

रसूलुल्लाह (ﷺ) से पहले अरबों की अखलाकी हालत बहुत ज़्यादा बिगड़ चुकी थी। जुल्म व सितम, चोरी व डाका जनी, ज़िनाकारी और बदकारी बिल्कुल आम थी। जुआ खेलने और शराब […]

अल्लाह और उसके बन्दों के हुकूक अदा करो

क़ुरान में अल्लाह तआला फर्माता है: “अल्लाह के सिवा किसी की इबादत न करो, वालिदेन के साथ अच्छा सुलूक करो, रिश्तेदारों, यतीमों और मिसकीनों के साथ भी अच्छा बर्ताव करो, […]

मस्जिदे नबवी की तामीर

हिजरत के बाद रसूलुल्लाह (ﷺ) ने सब से पहले एक मस्जिद की तामीर फ़रमाई, जिस को आज “मस्जिदे नब्वी” के नाम से जाना जाता है। उस के लिये वही जगह […]

नफा बख्श इल्म के लिए दुआ

हज़रत अबू हुरैरह (र.अ) फर्माते हैं के रसूलुल्लाह (ﷺ) यह दुआ फरमाते थेः ”ऐ अल्लाह ! जो इल्म तूने मुझे दिया है इस से नफ़ा अता फर्मा और मुझे नफ़ा […]

मज़दूर की मज़दूरी पसीना सुखने से पहले दिया करो

मज़दूर को पसीना सुखने से पहले मज़दूरी दो ۞ हदीस: अब्दुल्ला इब्न उमर (रजि.) से रिवायत है की,रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फरमाया : “मज़दूर को उसकी मज़दूरी उसका पसीना सुखने से […]

गूंगे का अच्छा होना

रसूलुल्लाह (ﷺ) हज्जतुल विदाअ में जब जमर-ए-अकबा की रमी कर के वापस होने लगे,  तो एक औरत अपने एक छोटे बच्चे को लेकर हाज़िरे खिदमत हुई और अर्ज़ किया: या रसूलल्लाह (ﷺ) […]

सुलतान नूरुद्दीन जंगी (रह.)

सुलतान नूरुद्दीन जंगी १७ शव्वाल सन ५११ हिजरी में पैदा हुए, बड़े ही नेक और इबादत गुज़ार थे। अपने वालिद इमादुद्दीन जंगी के बाद मुल्के शाम के बादशाह बने। अपनी हुकूमत […]

Kunde ki Niyaz : कुंडे के नियाज़ की हकीकत (रजब के कुंडे)

Kunde ki Niyaz: कुंडे की नियाज़ की हकीकत 22 रज्जब को बर्रे सगीर (हिन्दुस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश) में एक दिन मनाया जाता है, जिसे हम “ कुंडे की नियाज ” या “ कुंडे […]