कुत्ता चाट जाए तो बर्तन को सात बार धोना क्यों ?

♥ हदीस: नबी-ए-करीम मुहम्मद (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) के प्रवचनों में आता है कि
“जब कुत्ता बर्तन को चाट जाए तो उसे सात बार धोया जाए जिसमें पहली बार मिट्टी से।”
(सही मुस्लिम,अत्तहारः, बाब हुक्म वुलूग़िल कल्ब, हदीस न0 279 )

» वजाहत: इस हदीस की व्याख्या बलोगुल-मराम (अंग्रेजी) मेंइस प्रकार की गई है:
यह स्पष्ट है कि किसी चीज़ की केवल नापाकी से सफाई के लिए उसे सात बार धोना ज़रूरी नहीं, किसी चीज को सात बार धोने का रहस्य मात्र सफाई करने से भिन्न है। आज के चिकित्सा विशेषज्ञ कहते हैं कि कुत्ते की आंतों में जीवाणु और लगभग 4 मिमी लंबे कीड़े होते हैं जो उसके फज़ले के साथ बाहर होते हैं और उसके गुदा के आसपास बालों से चिमट जाते हैं, जब कुत्ता उस जगह को ज़बान से चाटते है तो ज़बान इन जीवाणुओं से दूषित हो जाती है, फिर कुत्ता अगर किसी बर्तन को चाटे या इंसान कुत्ते का चुम्बन ले जैसे यूरोपीय और अमेरिकी महिलाएं करती हैं तो जीवाणु कुत्ते से बर्तन या औरत के मुँह में स्थानांतरित हो जाते हैं और फिर वह मनुष्य के आमाशय में चले जाते हैं, यह जीवाणु आगे गतिशील रहते और रक्त कोशिकाओं में घुस कर कई घातक बीमारियों का कारण बनते हैं क्योंकि इन जीवाणुओं का निदान खुर्दबीनी टेस्टों के बिना संभव नहीं. इस्लाम ने एक आम आदेश के अंतर्गत कुत्ते के लुआब को अपवित्र ठहराया और निर्देश दिया कि जो बर्तन कुत्ते के लुआब से प्रदूषित हो जाए उसे सात बार साफ किया जाए और उनमें से एक बार मिट्टी के साथ धोया जाए।
(बुलूगल-मराम (अंग्रेजी) दारुस्सलाम, पृष्ठ: 16 हाशिए: 1)

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. AcceptRead More