किसी मोमिन (आस्तिक) के लिए ये उचित नहीं कि उसमें लानत करते रहने की आदत हो।

पैग़म्बर मुहम्मद ने फरमाया:

“किसी मोमिन (आस्तिक) के लिए ये उचित नहीं कि उसमें लानत करते रहने की आदत हो।

📕 तिरमिज़ी

Source: islamshantihai.com

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. AcceptRead More