किस औ़रत से निकाह़ बेहतर है ?

पोस्ट 05:
किस औ़रत से निकाह़ बेहतर है ?

“अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि”
“अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:”
औ़रत से चार चीज़ों की बुनियाद पर निकाह़ किया जाता है । उसके माल, उसके ख़ानदान, उसकी खूबसूरती और उसके दीन की बुनियाद पर । लिहाज़ा तू दीनदार को अपने लिए इख़्तियार कर के कामियाब हो जा, तेरे हाथ ख़ाक आलूद हों।

📕 बुख़ारी: अन्ऩिक़ाह 5090
📕 मुस्लिम: अर रिज़ाअ़ 2661

इब्ने ह़िब्बान के अल्फ़ाज़ हैं:
तू ज़रूर दीनदार ही को इख़्तियार कर, तेरे हाथ ख़ाक आलूद हों ।

📕 इब्ने ह़िब्बान; अत्तालीकातुल ह़िसान 4025-स़ही़ह़

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

 

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