ख्वातीन-ए-इस्लाम

मुस्लिम ख़्वातीन से मुताअ़ल्लिक़ मोअ्तबर अह़ादीस़ का एक मुख़्तसर मजूमुआ

  1. अल्लाह की रह़मत समझाने के लिए मां की रह़मत की त़रफ़ इशारा करना
  2. मां बेहतरीन सुलुक की ह़क़दार है…
  3. नेक औ़रत बेहतरीन मताअ़् है…
  4. बेहतरीन औ़रत और बद्तरीन औ़रत
  5. किस औ़रत से निकाह़ बेहतर है ?
  6. बेहतरीन बीवी कौन ?
  7. शोहर की फ़रमांबरदारी की फ़ज़ीलत
  8. दीन व दुनिया में शोहर का तआ़वुन करना
  9. शोहर का बीवी पर हक़
  10. शोहर की नाशुक्री का अन्जाम
  11. शोहर को राज़ी करने की फ़ज़ीलत
  12. शोहर की ह़ाजत की रिआ़यत करने की अहमियत
  13. बीवियों में अ़दल की अहमियत
  14. औ़रत का मर्द पर ह़क़
  15. औ़रत की कमियों के बावजूद उस से नफ़रत ना करने का हुक्म
  16. अच्छा मुस्लमान वो है जो अपने घर वालों से अच्छा हो
  17. औ़रत टेढ़ी पस्ली से बनी है।
  18. ह़ाएज़ा औ़रत से शफ़कत व मुहब्बत से पेश आना।
  19. बीवियों से मिज़ाह़ करना।
  20. औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं।
  21. औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना।
  22. ख़्वातीन का मस्जिद में आना।
  23. औरत और इल्मी तह़क़ीक़ व उलमा से सवाल।
  24. ख़्वातीन और नमाज़े ईद।
  25. नबी ﷺ के दौर में औ़रतों का फ़रमाने नबवी की ताबेदारी करना।
  26. शोहर के माल में से स़दका करने की गुंजाइश।
  27. औ़रतों का जिहाद ह़ज है।
  28. निकाह़ के लिए औ़रत की भी इजाज़त ज़रूरी है।
  29. बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई।
  30. बालों में नक़्ली बाल जोड़ने की मुमानअ़्त।
  31. औरत के लिए घर से खुश्बू लगा कर निकलने की हुर्मत
  32. उर्यानियत और फह़ाशी का अंजाम
  33. किसी औरत की ज़ीनत का तज़्किरा शोहर से करना
  34. ग़ैर मेहरम औरत को छुना।
  35. बग़ैर मेहरम से सफ़र व अजनबी से ख़लवत।
  36. नबी ﷺ का औ़रतों से बैअ़्त लेना।
  37. घर की निगरानी और बच्चों की सरपरस्ती औ़रतों के ज़िम्मे है।
  38. दय्यूस कौन है ?
  39. बच्चियों का अच्छा नाम रखना।
  40. बेटियों की परवरिश का अज्र।
  41. औरतों का बच्चों को शरिअ़्त पर अ़मल करवाना।
  42. कुत्ते को पानी पिलाने वाली औरत का क़िस्सा।
  43. बिल्ली को बांध कर रखने वाली औरत का वाक़िआ।
  44. इबादत और हकूकुल इबाद।
  45. पडोसन के हदिये की क़द्र करना।
  46. नौहा (मातम) करने वाली औ़रत।
  47. जन्नती औरत: मुस़ीबत पर स़ब्र की फ़ज़ीलत।
  48. सब्र दरअस़्ल सदमे की इब्तिदा में होता है।
  49. जऩ्नत में बुढ़ापा नहीं।
© Ummat-e-Nabi.com

Leave A Reply

Your email address will not be published.