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हिकायत – पार्ट 1 : रू –ए–ज़मीन की इब्तेदा (खिल्क़त का आगाज)

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۞ बिस्मिल्लाह –हिर्रहमान –निर्रहीम ۞

“अल्लाह के नाम से शुरू जो तमाम जहानों को बनाने वाला और उसे पालने वाला है और दूरूदो सलाम हो उसके आखरी नबि रसूल ‘अल्लाह (सलल्लाहू अलैहि वसल्लम) पर।”

✦ फरीश्ते, जिन्न और इन्सान आदम (अलैहि सलाम) की तख्लीख:

अल्लाह ता’आला ने फरीश्तों को नूर से पैदा किया, जिन्नों को आग से और इन्सान को मिट्टी से पैदा किया। फरीश्ते दिन-रात अल्लाह की इबादत और हम्द-ओ-सना करते है और अल्लाह ने उन्हे जिस काम पर मा’अमूर किया है फरीश्ते उसपे अमल करते है और थकते भी नहीं।

अल्लाह ने हम इन्सानो से पहले जिन्नों को आग से बनाया और उन्हे ज़मीन का खलीफ़ा (वारिस) बनाया, इब्लीस जो जिन्नों मे से था उसका नाम अजाजिल था और वह बहुत इबादत गुज़ार था। इस वजह से वो अल्लाह के मूकरब बन्दो मे से था। यहा तक की वह जन्नत मे भी बिना रोक-टोक आया जाया करता था। अल्लाह ता’आला ने जिन्नों को अपने अपने इबादत के लिए बनाया था, लेकिन जिन्न सरकश हो गये और ज़मीन पर फ़साद करने लगे, क़तल-ओ-गैरत करने लगे।

बक़ौल कुराने मस्जिद मे अल्लाह ने फरिश्तों से कहा,
“मै इन्सान को ज़मीन का खलीफ़ा (वारिस) बनाने वाला हूँ, इस पर फरिश्तों ने हादसा ज़ाहिर किया की इन्सान भी ज़मीन पर फ़साद करेगा और क़तल-ओ-गारत करेगा. तेरी इबादत के लिए हम ही काफी है, तब अल्लाह ता’आला ने कहा “मैं जो जानता हूँ वो तुम नहीं जानते.’’

अल्लाह ता’आला ने मिट्टी के ख़मीर से आदम का पुतला तयार किया। एक रिवायत मे है की आज जहा खान-ए-काबा है, उस जगह से मिट्टी ली गयी और एक रिवायत मे है की सात (7) अलग –अलग जगहों से मिट्टी ले कर ख़मीर तयार किया गया और उस से आदम का पुतला बनाया गया।

✦ इब्लीस का तकब्बुर और अल्लाह के हुक्म की नाफरमानी:

अल्लाह ता’आला ने फरिश्तों से कहा “जब मैं इस पुतले मे अपनी रूह फुंकू(ड़ालू) तो तुम सब सज़्दे मे गिर जाना” जब अल्लाह ता’आला ने आदम के पुतले मे रूह डाली तो सब ने सज़्दा किया सिवाए इब्लीस के.”

अल्लाह ता’आला ने इब्लीस से पूछा, “जब सब ने सज़्दा किया तो तूने क्यों नहीं किया ?, तुझे किस चीज़ ने रोका ?. इब्लीस ने अपनी गलती नहीं मानी और तकब्बुर(घमण्ड) से कहा. “मै इस से अफ़जल(बेहतर) हूँ, तुने मुझे आग से पैदा किया और इसे सड़ी हुयी मिट्टी (खनकती हुयी मिट्टी) से पैदा किया.”

अल्लाह ता’आला ने कहा “निकल जा यहा से, आज से तू रजीम(धुत्कारा) हुवा है,और तुझपे लानत है.”

इब्लीस ने कहा “ऐ मेरे रब, जिस की वज़ह से तूने मुझे धुत्कारा और लानत की, मुझे क़यामत तक मोहलत दे के मै इसे और इस की औलादों को गुमराह करू और इन्हे तेरी राह से रोकू, और मै चाहे आगे से पिछे से उपर से नीचे से जहा से भी आउ कोई मुझे देख ना सके.”

अल्लाह ता’आला ने कहा “मुझे अपनी जलाल की कसम, जा तुझे मोहलत दी, लेकिन मै तुझे और जो तेरी पैरवी करेगा उन् सब को जहन्नुम मे भर दूँगा. और इन्सानो की रहेनुमायी के लिए मै अपने नबीयों और रसूलों को भेजूंगा. जो भी मुत्तकी और परहेज़गार होगा और नेक अमल करेगा. मै उसे जन्नत मे जगह दूगा,..”

Reference: (Qasas-Ul-Ambiya Roman Urdu Script by Mohammed Rafique)

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