Wazu ke darmiyan ki dua | वजू के दरमियान की दुआ

वजू के दरमियान की दुआ | Wazu ke darmiyan ki dua

हदीस: रसूलुल्लाह (ﷺ) वुजू के दौरान यह दुआ पढ़ते थे:

اللهُمَّ اغْفِرْ لِي ذَنْبِي وَوَسِعْ لِي فِي دَارِي وَبَارِكْ لِي فِي رِزْقِي

Allahummagh fir li dhambi wa wassi’ li fi dari wa barik li fi rizqi

तर्जमा : ऐ अल्लाह ! मेरे गुनाहों को माफ़ फ़र्मा और मेरे घर में वुसअत और रिज्क में बरकत अता फ़र्मा।

📕 सुनन ऐ कुबरा नसाई: ९९०८, अन अबी मूसा (र.अ)

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