जो क़ुरबानी ना कर सके वो क़ुरबानी का सवाब कैसे पाए ?

जो क़ुरबानी ना कर सके वो क़ुरबानी का सवाब कैसे पाए ?

जो शख़्स कुरबानी करने की ताक़त नहीं रखता हो उसे कुरबानी करने का सवाब कैसे मिलेगा?

रसूलअल्लाह (ﷺ) ने एक आदमी से फ़रमाया :

“मुझे कुरबानियों वाले दिन को ईद बनाने का हुक्म दिया गया है जिसे अल्लाह तआला ने इस उम्मत के लिए मुकर्रर फ़रमाया है।”

उस शख़्स ने अर्ज़ किया अगर मेरे पास दूध वाली बकरी के इलावा कोई और जानवर कुरबानी के लिए न हो तो फरमाइए क्या मैं उसे ही ज़बह कर दू ? 

आप (ﷺ) ने फ़रमाया: नही! लेकिन तू (कुरबानी वाले दिन) अपने (जिस्म के) बाल काट ले , नाखून और मुंछे तराश ले और ज़ेरे नाफ बाल साफ़ कर ले अल्लाह तआला के यहां तेरी तरफ़ से यहीं मुकम्मल कुरबानी शुमार होगी।

📕 सुनन निसाई #4370 / सहीह

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