दुआ करना बेकार नहीं जाता 

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रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया: 

“बे शक तुम्हारा रब शर्म व हया करने वाला और बड़ा सखी है। वह बन्दे से इस बात पर शर्माता है के बंदा उस की तरफ अपने हाथ उठाए और वह उसे खाली। “

📕 तिर्मिज़ी: ३५५६

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