दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 4

Complete Story of Dajjal from Birth to Death (Part 4)

दज्जाल कौन है? कहा है? और कब निकलेगा?

✦ दज्जाल कौन है?

दज्जाल कौन है इस हवाले से मुख्तलिफ बाते की जाती रही है, बाज तो इतनी मजाहका खेज है कि बे अख्तियार हंसी आती है, हम इनसे सिर्फ नजर करते हुए यहा तीन मशहूर कौल जिक्र करके इन पर तबसीरा करते हुए चलेगे।

१. सामरी जादूगर :

बाज हजरात का कहना है कि हजरत मुसा (अलेहिस्सलाम) के जमाने मे बनी इस्राईल को गुमराह करके शिर्क मे मुब्तिला करने वाला सामरी दर हकीकत दज्जाल था।

दज्जाल को आलम अशया मे तसर्रूफ का जो भरपूर ईख्तियार दिया गया है, इसके तहत सोने से बनाये गए बछडे को हरकत करने वाला, जानदार और आवाज लगाने वाला बना देना कुछ भी मुश्किल नही, इसकी दलील ये है कि हजरत मुसा (अलैहि सलाम) ने जादूगर सामरी से इतना जबरदस्त जुर्म सरजद होने के बावजूद उसे जाने दिया और जो बनी इस्राईल इसके बहकाने पर शिर्क मे मुब्तिला हुए थे, उनकी तौबा ये तय हुई की इनको कत्ल किया जाए,

मूसा (अलैहि सलाम) ने सामरी से फरमाया :

❝ बेशक तेरे लिए एक वक्त मुकर्रर है जिससे तु आगे पिछे ना हो सकेगा”। (अल क़ुरान: सूरह तहा)

ये इसलिए के सामरी को उस वक्त कत्ल किया जाना मकसूद ना था, दज्जाल जो मसीह कज्जाब है, कि मौत तो हजरत इसा (अलैहि सलाम) के हाथो लिखी हुई है, जो मसीह सादिक है।

बाक़ौल  क़ुरआने मजीद “जब सामरी से कहा गया : चला जा, तेरी ये सजा है कि जिंदगी भर कहेगा मुझे ना छुओ” तो सामरी मजरूह हालत मे वहा से गायब हो गया और अब कही छिपा हुआ है।

ये राय हाल ही मे दजालियत के हवाले से शोहरत पाने वाले मुसन्नीफ जनाब इसरार आलम की है, इसकी ताईद मे कोई कोल बंदे को नही मिला और सामरी जादूगर के बारे मे जो तफसीर किताब तफसीर व तारीख मे वारीद हुई है वो दज्जाल पर फिट होती दिखाई नही देती,

जैसे के वो एक चश्म ना था, उसकी आंख के दरमियान काफिर लिखा हुआ ना था, हजरत मुसा अलेहिस्सलाम ने उसे कही कैद नही किया था, जबकि दज्जाल बेडियो मे कैद है।  सामरी को ऐसी सजा दी गई थी कि वो हर आने वाले को कहता “मुझे मत छुओ”।

लेकिन दज्जाल ऐसा ना कहेगा, वो तो सारी दुनिया को अपने करीब करने की फिक्र मे लगा होगा, फिर अगर सामरी ही दज्जाल होता तो हदीस शरीफ मे कही कोई इशारा मिलना चाहिए था, दज्जाल के मुतालिक हदीस शरीफ मे तफसीली अलामत है लेकिन कही ये जिक्र नही के वो हजारो साल पहले वाला सामरी था।

To be Continue … 

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