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सुन्नत

नज़र का फ़ित्ना – अपनी नज़रे नीची रखे और अपनी शर्मगाहो की हिफ़ाज़त करें

नज़र एक ऐसा फ़ित्ना हैं जिस पर कोई रोक नही जब तक कोई इन्सान खुद अपनी नज़र को बुराई से न फ़ेर ले। अमूमन नज़र के फ़ित्ने से…

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