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Eid-Ul-Adha ~Qurbani

Youm-e-Arfa ka Roza aur Uski Fazilat

✦ Mafhum-e-Hadees: Abu Qatada (RaziAllahu Anhu) se riwayat hai ke, Rasool'Allah (ﷺ) se Youm-e-Arfa (9 Zil Hajj) ke Rozey ke baarey me poocha gaya tou Aap (ﷺ) ne farmaya: "Is din ka Roza guzishta(guzre hue) saal aur aainda(aane wale) saal ke…
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अशरा ज़ुल हज की फ़ज़ीलत क़ुरानो सुन्नत की रौशनी में

ज़ुल हज के १० दिनों की फजी़लत और उस के अहकाम व मसाइल क़ुरानो सुन्नत की रौशनी में

Contentअशरा ज़ुलहिज्जा क्या है ? अशरा ज़ुलहिज्जा को इतनी फ़ज़ीलत क्यों? अरफ़ा के रोजे की फजीलत सहाबा किराम (र.अ.) का अमल तकबीरों का मसअला कुर्बानी का इरादा रख़ने वाला ज़ुलहिज्जा के दस दिनों में बाल न कटवाए क़ुरबानी की ताकत न…
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How to perform hajj step by step

1. Have Bath 2. Put on Ihram in Makkah & pray 2 rakat3. Make intention for Hajj and say the talbiyah, 4. On the Day of Arafah, pray Fazr and go to Arafa.5. Pray Zohar and Asar Combined in Arafah. Remember Allah & make Dua…
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जानिए – क्यों मनायी जाती है बकरी ईद

ईद उल अज़हा को सुन्नते इब्राहीम भी कहते है। इस्लाम के मुताबिक, अल्लाह ने अपने नबी(प्रेषित) हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की परीक्षा लेने के उद्देश्य से अपनी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया। - हजरत इब्राहिम को लगा कि उन्हें सबसे…
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पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल॰) का विदायी अभिभाषण (इस्लाम में मानवाधिकार)

पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल॰) ईश्वर की ओर से, सत्यधर्म को उसके पूर्ण और अन्तिम रूप में स्थापित करने के जिस मिशन पर नियुक्त किए गए थे वह 21 वर्ष (23 चांद्र वर्ष) में पूरा हो गया और ईशवाणी अवतरित हुई : ‘‘...आज मैंने तुम्हारे दीन (इस्लामी जीवन…
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जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

"कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी 'यानि' मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है" - (कुरआन 6:162) *बकरा ईद का असल नाम "ईदुल-अज़हा" है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक "ईदुल फ़ित्र" और दूसरा…
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