Sharab se bacho kyunki wo har burayi ki chabi hai

Sharab se bacho kyunki wo har burayi ki chabi hai

— Roman Urdu Hadees —

Allah ke Rasool (ﷺ) ka farman hai:

Sharab se bacho isiliye kyunki wo har burayi ki chabi hai.

📚 Mustadrak: 7313


— हिंदी हदीस —

अल्लाह के अंतिम पैगम्बर (ﷺ) ने फ़रमाया :

शराब से बचो इसलिए क्यूंकि वो हर बुराई की चाबी है।

मुस्तदरक: ७३१३


— English Hadith —

Do not drink wine, for it is the key to all evils.’”

Sayings of Prophet (ﷺ)
Grade : Hasan (Darussalam)
English reference : Vol. 4, Book 30, Hadith 3371
Arabic reference : Book 30, Hadith 3496

नशा थोड़ा भी खतरनाक है, ज़्यादा लेने पर मदहोशी देने वाले का थोड़ा भी निषिद्ध है।

नशा थोड़ा भी खतरनाक है

नशा खतरनाक है :   “थोड़ा भी खतरनाक है! ज़्यादा लेने पर मदहोशी देने वाले का थोड़ा भी निषिद्ध है।” [ पैगंबर

April Fool aur Islam | अप्रैल फूल और इस्लाम

अप्रैल फूल और इस्लाम | April Fool aur Islam

अप्रैल फूल मनाना इस्लाम में जायज़ नहीं क्योंकि इस दिन लोगों को हंसाने और लोगों को प्रैक के नाम पर परेशान करने के लिए “झूठ” बोला जाता है।

jo choton par raham nahi karta wo hum me se nahi

जो भी अपने से छोटों पर रहम नहीं करता वो हम में से नहीं

अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फ़रमायाः

“जो भी अपने छोटे (युवाओं-बच्चों) पर रहम नहीं करता
और जो बड़ों के हक अदा नहीं करता
वो हम (मोमिनों) में से नहीं है।”

[ मुसनद अहमद – 7033 ]

Dusro ke baare me bure khayal mat rakho

दूसरों के बारे में बुरे विचार मत रखो क्योंकि यह अधिकतर झूठे होते है

अल्लाह के अन्तिम ईशदूत मुहम्मद (ﷺ) ने कहा कि :

” दूसरों के बारे में बुरे विचार मत रखो क्योंकि यह अधिकतर झूठे होते है।
लोगों की खराबियों को मत ढूंढो,
दूसरों से जलन न रखो, किसी के पीठ पीछे उसकी बुराई न करो,
घृणा न करो, ईश्वर के भक्त और भाई-भाई बन कर रहो।”

[ बुखारी शरीफ 6064 ]

Tumhara Maal aur Aulad bas Aazmaish hai

तुम्हारा माल और औलादे बस आज़माइश है

अल्लाह तआला कुरान ए करीम में फरमाता है:

“तुम्हारे माल (दौलत) और तुम्हारी औलादे (संतान) बस आज़माइश (परीक्षा) है
और अल्लाह के यहाँ तो बड़ा अज्र (पुण्य) मौजूद है।”

[ पवित्र कुरआन ६४:१५ ]

प्रेम की पवित्रता: विवाह से ही पवित्र प्रेम होता है। विवाह से पहले या बाद अवैध संबंध अनैतिक और विनाशकारी हैं।

प्रेम की पवित्रता: विवाह से पहले या बाद अवैध संबंध अनैतिक और विनाशकारी हैं।

प्रेम की पवित्रता: 

विवाह से ही पवित्र प्रेम होता है।

विवाह से पहले या बाद अवैध संबंध अनैतिक और विनाशकारी हैं। 

Ref: Wisdom Media School
#IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

वह वक्त करीब है जब मुसलमानो का सबसे उम्दा माल

वह वक्त करीब है जब मुसलमानो का सबसे उम्दा माल

नबी करीम (ﷺ) ने फरमाया:

❝ वह वक्त करीब है जब मुसलमानो का सबसे उम्दा माल
(उसकी बकरियां होंगी)

जिनके पीछे वो पहाड़ो की चोंटी और बरसाती वादियों में
अपने दिन को बचाने के लिए कूच कर जायेगा। ❞

सहीह बुखारी 19;
बुक 2, हदीस 12

विरोध समस्यावों के हल के लिए होना चाहिए, नई समस्याएं पैदा करने के लिए नहीं। [कुरआन २:२५६]

विरोध समस्यावों के हल के लिए होना चाहिए, नई समस्याएं पैदा करने के लिए नहीं। [कुरआन २:२५६]

समझ भावना को संयम में लता है: 

“विरोध समस्यावों के हल के लिए होना चाहिए,
नई समस्याएं पैदा करने के लिए नहीं।” 

[ कुरआन २:२५६ ]

Ref: Wisdom Media School
#IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

अल्लाह आपके रूप या धन की ओर नहीं बल्कि दिल और कर्म की ओर देखता है।

अल्लाह आपके रूप या धन की ओर नहीं बल्कि दिल और कर्म की ओर देखता है। [हजरत मुहम्मद ﷺ]

सुधार चाहिए दिल को।  

“सुनिश्चत, अल्लाह आपके रूप या धन की ओर नहीं देखते; बल्कि देखते हैं आपके दिल और कर्म की ओर।”

[ हजरत मुहम्मद ﷺ ]

Ref: Wisdom Media School
#IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

धोकेबाजी से सावधान रहें।

धोकेबाजी से सावधान रहें।

धोकेबाजी से सावधान रहें।

“झूठे वादे और चमक-धमक वाले उपहारों के द्वारा अनुचित कर्म करवाने का आह्वान करने वाले, दोस्त नहीं धोखेबाज हैं।”

नकली संबंधों में अपनी गरिमा और जीवन का बलिदान न करें।

Ref: Wisdom Media School

धर्म आत्मज्ञान के लिए है तथा आस्था, कर्म और संस्कृति का संगम जब होता है

धर्म आत्मज्ञान के लिए है तथा आस्था, कर्म और संस्कृति का संगम जब होता है

धर्म आत्मज्ञान के लिए है।

“आस्था, कर्म और संस्कृति का संगम जब होता है तब धर्म प्रबुद्ध होता है। इन में से एक की भी कमी धर्म की आत्मा को नष्ट कर देती है।”

close
Ummate Nabi Android Mobile App