हज़रत याकूब अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 12

नाम और ख़ानदान –

हजरत याकूब 3 हज़रत इसहाक्र के दूसरे बेटे और हज़रत इब्राहीम अलैहि सलाम के पोते हैं। इबरानी भाषा में हजरत याकूब का नाम इसराईल है। यह “इसरा’ (अन्द, गुलाम) और ईल (अल्लाह) दो शब्दों में बना है और अरबी में इसका तर्जुमा अब्दुल्लाह किया जाता है। इसी वजह से हजरत इब्राहीम अलैहि सलाम के बेटे हजरत इस्हाक्र अलैहि सलाम से जुड़ा खानदान जो हजरत याकूब अलैहि सलाम यानी इसराईल की नस्ल से है, बनी इसराईल कहलाता है।

हज़रत याकूब का जिक्र कुरआन में –

कुरान में हजरत याकूब अलैहि सलाम का नाम दस जगह आया है। सूरः यूसुफ़ में जगह-जगह जमीरों और औसाफ़ के लिहाज से, कुछ दूसरी सूरतों में औसाफ़ के एतबार से उनका तज़किरा मौजूद है, असल में कुरआन पाक हज़रत याकूब अलैहि सलाम के जलीलुल-कद्र नबी, साहिबे सब्र व अजीमत और हज़रत यूसुफ अलैहि सलाम के बुजुर्ग बाप होने की तरफ़ तवज्जोह दिलाता है।

हज़रत याकूब अलैहि सलाम अल्लाह के बरगजीदा पैग़म्बर थे और कन्आनियों के लिए भेजे गए थे। उन्होंने वर्षों इस खिदमत को अंजाम दिया। उनके बारह लड़के थे। खुद उनका और उनकी औलाद का जिक्र, हजरत यूसुफ़ से जुड़ा हुआ है, इसलिए तफसीलात हजरत यूसुफ़ के जिक्र में मौजूद हैं, जो आगे आता है।

To be continued …

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क़सस उल अम्बिया: हिकायत (नबियों के वाक़ियात)

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