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तिर्मिज़ी

बग़ैर मेहरम से सफ़र व अजनबी से ख़लवत।

पोस्ट 35 : बग़ैर मेहरम से सफ़र व अजनबी से ख़लवत। इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, उन्होंने अल्लाह के नबी ﷺ को यूं फ़रमाते सुना कि: ❝ कोई मर्द किसी (नामेहरम) औ़रत के साथ ख़लवत इख़्तियार ना करे, और कोई औ़रत मेहरम के बग़ैर सफ़र ना करे। (ये सुन कर) एक शख़्स़ […]

बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई।

पोस्ट 29 : बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई। सौबान रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जो भी औ़रत बिला किसी मजबूरी के अपने शोहर से तलाक़ का मुतालबा करती है उस पर जन्ऩत की खुश्बू ह़राम है। ❞  📕 मुस्नद अहमद, अबू दाऊद, इब्ने माजा, 📕 तिर्मिज़ी, इब्ने […]

शोहर के माल में से स़दका करने की गुंजाइश।

पोस्ट 26 : शोहर के माल में से स़दका करने की गुंजाइश। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि; अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ एक औ़रत जब अपने शोहर की कमाई में से उसके हुक्म के बग़ैर (ख़ैर के कामों में) ख़र्च करती है तो उस को (यानी शोहर को) उसका आधा […]

नबी ﷺ के दौर में औ़रतों का फ़रमाने नबवी की ताबेदारी करना।

पोस्ट 25 : नबी ﷺ के दौर में औ़रतों का फ़रमाने नबवी की ताबेदारी करना। अब्दुल्लाह बिन अ़म्र बिन आ़स़ रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि: ❝ एक औ़रत अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और उसके साथ उसकी बेटी थी जिसके हाथों में सोने के मोटे मोटे कंगन थे। अल्लाह के नबी ﷺ ने […]

औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना।

पोस्ट 21 : औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना। अबू सईद खुद्री रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं: ❝ एक औ़रत अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, आप की बातें तो स़िर्फ़ मर्दों ही को सुनने मिलती हैं। लिहाज़ा आप कोई दीन हमारे लिए भी त़ै करें […]

औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं।

पोस्ट 20 : औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं। आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ से पूछा गया कि: ❝एक शख़्स़ (नींद से जागने पर कपड़ों में) गीलापन देखे लेकिन उसे एह्तेलाम याद ना हो (तो वो क्या करे ?) आप ने फ़रमाया: वो गुस्ल करले । फ़िर आप से उस […]

औ़रत टेढ़ी पस्ली से बनी है।

पोस्ट 17 : औ़रत टेढ़ी पस्ली से बनी है। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ औ़रत पस्ली की त़रह़ है, अगर तू उसे सीधा करने की कोशिश करे तो उस को तोड़ देगा। और अगर तू उस से फ़ायदा हासिल करना चाहे तो उस के टेढ़ेपन […]

अच्छा मुस्लमान वो है जो अपने घर वालों से अच्छा हो

पोस्ट 16 : अच्छा मुस्लमान वो है जो अपने घर वालों से अच्छा हो अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ ईमान वालों में सब से कामिल ईमान वाले वो हैं जो अख़्लाक़ में ज्यादा अच्छे हो, और तुम में सब से अच्छे इंसान वो हैं जो […]

औ़रत का मर्द पर ह़क़

पोस्ट 14 : औ़रत का मर्द पर ह़क़ मआ़विया अल कुशैरी रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत हैं, फ़रमाते हैं: मैं ने अर्ज़ किया: ❝ ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ हमारी बीवियों का हम पर क्या ह़क़ है ? आप ﷺ ने फ़रमाया: ये कि जब तुम खाओ तो उन्हें भी खिलाओ, और तुम पहनो तो उन्हें […]

बीवियों में अ़दल की अहमियत

पोस्ट 13 : बीवियों में अ़दल की अहमियत अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जब किसी शख़्स़ की दो बीवियां हो, और वो उन के दरमियान अ़दल ना करे तो क़ियामत के दिन वो इस हाल में आएगा कि उस का एक पहलू साक़ित (paralysed)  होगा। […]