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सिलसिला अस्सहीहा

औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना।

पोस्ट 21 : औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना। अबू सईद खुद्री रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं: ❝ एक औ़रत अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, आप की बातें तो स़िर्फ़ मर्दों ही को सुनने मिलती हैं। लिहाज़ा आप कोई दीन हमारे लिए भी त़ै करें […]

औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं।

पोस्ट 20 : औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं। आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ से पूछा गया कि: ❝एक शख़्स़ (नींद से जागने पर कपड़ों में) गीलापन देखे लेकिन उसे एह्तेलाम याद ना हो (तो वो क्या करे ?) आप ने फ़रमाया: वो गुस्ल करले । फ़िर आप से उस […]

बीवियों से मिज़ाह़ करना।

पोस्ट 19 : बीवियों से मिज़ाह़ करना। आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं: ❝ मैं एक सफ़र में नबी ﷺ के साथ थी, और उस वक़्त बस एक दुबली पतली लड़की ही थी। अल्लाह के नबी ﷺ ने साथ वाले लोगों से कहा: तुम लोग आगे निकल चलो। फ़िर मुझसे कहा: आओ मैं तुम से दौड़ […]

औ़रत का मर्द पर ह़क़

पोस्ट 14 : औ़रत का मर्द पर ह़क़ मआ़विया अल कुशैरी रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत हैं, फ़रमाते हैं: मैं ने अर्ज़ किया: ❝ ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ हमारी बीवियों का हम पर क्या ह़क़ है ? आप ﷺ ने फ़रमाया: ये कि जब तुम खाओ तो उन्हें भी खिलाओ, और तुम पहनो तो उन्हें […]

बीवियों में अ़दल की अहमियत

पोस्ट 13 : बीवियों में अ़दल की अहमियत अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जब किसी शख़्स़ की दो बीवियां हो, और वो उन के दरमियान अ़दल ना करे तो क़ियामत के दिन वो इस हाल में आएगा कि उस का एक पहलू साक़ित (paralysed)  होगा। […]

शोहर की ह़ाजत की रिआ़यत करने की अहमियत

पोस्ट 12 : शोहर की ह़ाजत की रिआ़यत करने की अहमियत अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ उस जात की क़सम जिस के हाथ में मेरी जान है! जो भी शख़्स़ अपनी बीवी को अपने बिछोने की त़रफ़ बुलाता है और वो उस का इन्कार करती […]

शोहर को राज़ी करने की फ़ज़ीलत

पोस्ट 11 : शोहर को राज़ी करने की फ़ज़ीलत इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ क्या मैं तुम्हें जन्ऩती मर्द कौन हैं ना बतादूं ? लोगों ने अ़र्ज़ किया: ज़रूर ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ ! आप ने फ़रमाया: नबी जन्ऩती है, सिद्दीक़ जन्ऩती है, शहीद जन्ऩती […]

बेहतरीन औ़रत और बद्तरीन औ़रत

पोस्ट 04: बेहतरीन औ़रत और बद्तरीन औ़रत अबू उज़ैना सदफ़ी रज़िअल्लाह अ़न्हु रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: तुम्हारी औ़रतों में बेहतरीन औ़रत वो हैं जो निहायत मुहब्बत करने वाली, खूब औलाद वाली, शोहर की मुवाफ़िक़त करने वाली और ताउन करने वाली हैं बशर्त़ कि अल्लाह से डरने वाली हो। और तुम्हारी […]