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सहीह अल जामे

औरतों का बच्चों को शरिअ़्त पर अ़मल करवाना।

पोस्ट 41 : औरतों का बच्चों को शरिअ़्त पर अ़मल करवाना। “रूबय्यिअ़् बिन्ते मुअ़्वविज़ रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं: ❝ अल्लाह के नबी ﷺ ने आ़शूरा की सुब्ह़ अन्सा़र की बस्तियों में (इस ऐलान के साथ) आदमी भेजा कि जिस ने आज इस हाल में सुब्ह़ा की कि वो रोज़ा नहीं था वो बक़िया दिन रोज़ा […]

बेटियों की परवरिश का अज्र।

पोस्ट 40 : बेटियों की परवरिश का अज्र। उक्बा बिन आ़मिर रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि मैं ने अल्लाह के रसूल ﷺ को यूं फ़रमाते सुना: ❝ जिस की तीन बेटियां हो, और वो उन पर स़ब्र करे और अपनी ताक़त के बक़द्र उन्हें खिलाए पिलाए और पहनाए तो ये बेटियां कियामत के दिन उस […]

दय्यूस कौन है ?

पोस्ट 38 : दय्यूस कौन है ? इब्ने उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ तीन लोगों पर अल्लाह ने जन्ऩत हराम कर दी है। शराब से मस्त रहने वाला, मां बाप से बदसुलूकी करने वाला और दय्यूस जो अपने घर में ख़बासत (यानी बेहयाई) पर इक़रार कर […]

बग़ैर मेहरम से सफ़र व अजनबी से ख़लवत।

पोस्ट 35 : बग़ैर मेहरम से सफ़र व अजनबी से ख़लवत। इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, उन्होंने अल्लाह के नबी ﷺ को यूं फ़रमाते सुना कि: ❝ कोई मर्द किसी (नामेहरम) औ़रत के साथ ख़लवत इख़्तियार ना करे, और कोई औ़रत मेहरम के बग़ैर सफ़र ना करे। (ये सुन कर) एक शख़्स़ […]

ग़ैर मेहरम औरत को छुना।

पोस्ट 34 : ग़ैर मेहरम औरत को छुना। माअ़्किल बिन यसार से रिवायत है कि “अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:” ❝ तुम में से किसी के सर में लोहे की कील ठोक दी जाए ये इस से बेहतर है कि वो किसी औ़रत को छुवे जो उस के लिए ह़लाल ना हो। ❞ 📕 त़बरानी; […]

औरत के लिए घर से खुश्बू लगा कर निकलने की हुर्मत

पोस्ट 31 : औरत के लिए घर से खुश्बू लगा कर निकलने की हुर्मत। अबू मूसा अश्अ़री रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के नबी ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जो भी औ़रत इत़्र लगा कर लोगों के करीब से गुज़रती है ताकि वो उसकी खुश्बू मह़सूस करें तो ऐसी औ़रत ज़िनाकार औ़रत है और […]

बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई।

पोस्ट 29 : बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई। सौबान रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जो भी औ़रत बिला किसी मजबूरी के अपने शोहर से तलाक़ का मुतालबा करती है उस पर जन्ऩत की खुश्बू ह़राम है। ❞  📕 मुस्नद अहमद, अबू दाऊद, इब्ने माजा, 📕 तिर्मिज़ी, इब्ने […]

औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना।

पोस्ट 21 : औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना। अबू सईद खुद्री रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं: ❝ एक औ़रत अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, आप की बातें तो स़िर्फ़ मर्दों ही को सुनने मिलती हैं। लिहाज़ा आप कोई दीन हमारे लिए भी त़ै करें […]

औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं।

पोस्ट 20 : औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं। आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ से पूछा गया कि: ❝एक शख़्स़ (नींद से जागने पर कपड़ों में) गीलापन देखे लेकिन उसे एह्तेलाम याद ना हो (तो वो क्या करे ?) आप ने फ़रमाया: वो गुस्ल करले । फ़िर आप से उस […]

औ़रत टेढ़ी पस्ली से बनी है।

पोस्ट 17 : औ़रत टेढ़ी पस्ली से बनी है। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ औ़रत पस्ली की त़रह़ है, अगर तू उसे सीधा करने की कोशिश करे तो उस को तोड़ देगा। और अगर तू उस से फ़ायदा हासिल करना चाहे तो उस के टेढ़ेपन […]

अच्छा मुस्लमान वो है जो अपने घर वालों से अच्छा हो

पोस्ट 16 : अच्छा मुस्लमान वो है जो अपने घर वालों से अच्छा हो अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ ईमान वालों में सब से कामिल ईमान वाले वो हैं जो अख़्लाक़ में ज्यादा अच्छे हो, और तुम में सब से अच्छे इंसान वो हैं जो […]

औ़रत का मर्द पर ह़क़

पोस्ट 14 : औ़रत का मर्द पर ह़क़ मआ़विया अल कुशैरी रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत हैं, फ़रमाते हैं: मैं ने अर्ज़ किया: ❝ ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ हमारी बीवियों का हम पर क्या ह़क़ है ? आप ﷺ ने फ़रमाया: ये कि जब तुम खाओ तो उन्हें भी खिलाओ, और तुम पहनो तो उन्हें […]

बीवियों में अ़दल की अहमियत

पोस्ट 13 : बीवियों में अ़दल की अहमियत अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जब किसी शख़्स़ की दो बीवियां हो, और वो उन के दरमियान अ़दल ना करे तो क़ियामत के दिन वो इस हाल में आएगा कि उस का एक पहलू साक़ित (paralysed)  होगा। […]