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Qasas-ul-Ambia In Hindi Language Free

हजरत मूसा अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 15.7

बनी इसराईल की गौशालापरस्ती .     इसी बीच एक और अजीब व ग़रीब वाकिया पेश आया, वह यह कि कोहे तूर पर एतिकाफ़ में फैलाव से फायदा उठाकर एक आदमी सामरी [सामरी के बारे में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने वजाहत की है कि वह बनी इसराईल में से न था, बल्कि वह सुमैरी क़ौम […]

हजरत मूसा अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 15.6

फ़िरऔन, फ़िरऔन की क़ौम और कयामत का अजाब ………. फ़िरऔन और हजरत मूसा अलैहि सलाम का यह वाक्रिया हक व बातिल के मारके में एक शानदार मारका है- एक ओर गुरूर व घमंड, जब व जुल्म, तो दूसरी ओर मज्लुमियत, ख़ुदापरस्ती और सब्र व इस्तिकामत की फ़तह व कामरानी का अजीब व ग़रीब मुरक्का। इसलिए […]

हजरत मूसा अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 15.5

फ़िरऔन का एलान ………. ग़रज जब फ़िरऔन और उसके सरदारों को मूसा अलैहि सलाम को हराने में नाकामी हुई तो फ़िरऔन ने अपनी कौम में एलान किया- ………. तर्जुमा- ‘ऐ कौम! क्या मैं मिस्र के ताज व तख़्त का मालिक नहीं हूँ। मेरी हुक़ूमत के क़दमों के नीचे ये नहरें बह रही हैं? क्या तुम […]

हजरत मूसा अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 15.4

जादूगरों की हार और फ़िरऔन का रद्देअमल (प्रतिक्रिया) ………. बहरहाल जश्न का दिन आ पहुंचा, जश्न के मैदान में तमाम शाहाना कर व फ़र के साथ फ़िरऔन तख्तनशी है और दरबारी भी दर्जे के एतबार से क़रीने से बैठे हैं और लाखों इंसान हक व बातिल के मारके का नज़ारा करने को जमा हैं। एक […]

हजरत मूसा अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 15.3

हज़रत मूसा अलैहि सलाम की एक नबी की हैसियत से मिस्र को वापसी और हज़रत हारून अलैहि सलाम को रिसालत का मंसब अता किया जाना। मिस्र में दाखिला ………. जब हज़रत मूसा अलैहि सलाम नुबूवत के मंसब से सरफ़राज़ होकर कलामे रब्बानी से फैजयाब बनकर और दावत और हक़ की तब्लीग़ में कामयाबी व कामरानी […]

हजरत मूसा अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 15.2

हज़रत मूसा अलैहि सलाम की मिस्र से मदयन के लिए हिजरत मूसा अलैहि सलाम और मदयन का इलाका ………. हजरत शुऐब अलैहि सलाम के वाक़ियों में मदयन का जिक्र आ चुका है। मदयन की आबादी मिस्र से आठ मंजिल पर वाकए थी। हजरत मूसा अलैहि सलाम सलाम चूंकि फ़िरऔन के डर से भागे थे, इसलिए […]

हजरत मूसा अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 15.1

हज़रत मूसा अलैहि सलाम की शुरूआती जिंदगी और बनी इसराईल मिस्र में ………. हज़रत यूसुफ़ अलैहि सलाम के किस्से में बनी इसराईल का जिक्र सिर्फ इसी क़दर किया गया था कि हज़रत याकूब और उनका ख़ानदान हज़रत यूसुफ़ अलैहि सलाम से मिलने मिस्र में आए, मगर उसके सदियों बाद फिर एक बार कुरआन करीम बनी […]

हजरत शुएब अलैहि सलाम» Qasas ul Anbiya: Part 14

हज़रत शुऐब अलैहि सलाम की कौम हज़रत शुऐब अलैहि सलाम मदयन या मदयान की ओर भेजे गए थे। मदयन एक कबीले का नाम है, जो हजरत इब्राहीम अलैहि सलाम के बेटे मदयन की नस्ल से था। शुएब अलैहि सलाम भी चूंकि उसी नस्ल और उसी क़बीले से थे, इसलिए उनके भेजे जाने के बाद यह […]

हज़रत युसूफ अलैहि सलाम (भाग: 4) » Qasas ul Anbiya: Part 13.4

युसूफ अलैहि सलाम का भाइयों को हकीकत बताना बहरहाल हज़रत याकूब अलैहि सलाम ने अपने बेटों से फ़रमाया : ‘देखो, एक बार फिर मिस्र जाओ और यूसफ़ और उसके भाई की तलाश करो और अल्लाह की रहमत से नाउम्मीद और मायूस न हो, इसलिए कि अल्लाह की रहमत से ना उम्मीदी काफिरों का शेवा है।’ […]

हज़रत युसूफ अलैहि सलाम (भाग: 3) » Qasas ul Anbiya: Part 13.3

युसूफ अलैहि सलाम की बेगुनाही का साबित होना साक्री ने यह सब मामला बादशाह के सामने जा सुनाया। बादशाह ने ख्वाब की ताबीर का मामला देखकर कहा कि ऐसे आदमी को मेरे पास लाओ। जब बादशाह का दूत हजरत यूसुफ़ अलैहि सलाम के पास पहुंचा तो हजरत यूसुफ ने कैदखाने से बाहर आने से इंकार […]

हज़रत युसूफ अलैहि सलाम (भाग: 2) » Qasas ul Anbiya: Part 13.2

अज़ीज़े मिस्र की बीवी जुलेखा और यूसुफ (अ.)  ………. कुएं में डाले जाने और गुलामी के बाद अब हज़रत यूसुफ़ की एक और आज़माइश शुरू हुई, वह यह कि हजरत यूसुफ़ अलैहि सलाम की जवानी का आलम था। हुस्न और खूबसूरती का कोई ऐसा पहलू न था जो उनके अन्दर मौजूद ना हो। अजीजे मिस्र […]

हज़रत युसूफ अलैहि सलाम (भाग: 1) » Qasas ul Anbiya: Part 13.1

ख़ानदान ………. हजरत यूसुफ़ अलैहि सलाम हज़रत याकूब अलैहि सलाम के बेटे और हजरत इब्राहिम अलैहि सलाम के पड़पोते हैं। उनको यह शरफ़ हासिल है कि वह ख़ुद नबी, उनके वालिद नबी, उनके दादा नबी और परदादा हज़रत इब्राहीम अबुल अंबिया (नबियों के बाप) हैं। कुरआन में इनका जिक्र छब्बीस बार आया है और इनको […]

हज़रत याकूब अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 12

नाम और ख़ानदान – हजरत याकूब 3 हज़रत इसहाक्र के दूसरे बेटे और हज़रत इब्राहीम अलैहि सलाम के पोते हैं। इबरानी भाषा में हजरत याकूब का नाम इसराईल है। यह “इसरा’ (अन्द, गुलाम) और ईल (अल्लाह) दो शब्दों में बना है और अरबी में इसका तर्जुमा अब्दुल्लाह किया जाता है। इसी वजह से हजरत इब्राहीम अलैहि […]