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जन्नती औरत

जऩ्नत में बुढ़ापा नहीं।

पोस्ट 49 : जऩ्नत में बुढ़ापा नहीं। हसन बसरी रहिमहुल्लाह फ़रमाते हैं: ❝ एक बूढ़ी औरत नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, अल्लाह से दुआ़ कीजिए कि वो मुझे जऩ्नत में दाख़िल कर दे । इस पर आप ने फ़रमाया: ओ फुलां, जऩ्नत में बुढ़ी औरत नहीं जाएगी । इस […]

सब्र दरअस़्ल सदमे की इब्तिदा में होता है।

पोस्ट 48 : सब्र दरअस़्ल सदमे की इब्तिदा में होता है। साबित अल बुनानी रहिमहुल्लाह फ़रमाते हैं कि: ❝ मैं ने अनस बिन मालिक रज़िअल्लाहु अ़न्हु को उनके घर की किसी ख़ातून से फ़रमाते सुना: क्या तुम फुलां औ़रत को जानती हो ? उन्होंने कहा: हां। फ़रमाया: अल्लाह के नबी ﷺ उस औ़रत के पास […]

जन्नती औरत: मुस़ीबत पर स़ब्र की फ़ज़ीलत।

पोस्ट 47 : जन्नती औरत: मुस़ीबत पर स़ब्र की फ़ज़ीलत। अ़त़ा बिन अबी रबाह़ से रिवायत है कि, मुझसे इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु ने फ़रमाया: ❝ क्या मैं तुम्हें एक जन्नती औरत ना दिखाऊं ! मैं ने कहा: ज़रूर। फ़रमाया: ये काली औ़रत, अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल […]