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Islamic baatein in Hindi

कुरआन में मानवता के लिए 99 सीधे आदेश ! जानिए

1 बदज़ुबानी से बचो। (सूरह 3:159) 2 गुस्से को पी जाओ। (सूरह 3:134) 3 दूसरों के साथ भलाई करो। (सूरह 4:36) 4 घमंड से बचो। (सूरह 7:13) 5 दूसरों की गलतियां माफ करो। (सूरह 7:199) 6 लोगों से नरमी से बात करो। (सूरह 20:44) 7 अपनी आवाज़ नीची रखों। (सूरह 31:19) 8 दूसरों का मज़ाक […]

जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

” कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी ‘यानि’ मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है ।” [कुरआन 6:162] – बकरा ईद का असल नाम “ईदुल-अज़हा“ है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक “ईदुल फ़ित्र” और दूसरा “ईदुल अज़हा“….। – […]

हज का सुन्नत तरीका हिंदी में

Content तारूफ (Intro) हज के फ़र्ज़ होने की दलील हज्ज के फ़र्ज़ होने की शर्तें • हज में एहतियात करने वाली बाते • ख़वातीन और परदे का अहतमाम एहराम की हालत में ममनूअ (मना की हुई) चीज़ें एहराम की हालत में ममनूअ की तीन हालतें फिदिया • आम ममनूअ अमल का फिदिया • बाज़ संगीन […]

14. ज़िल कदा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: इत्तिबाए सुन्नत का एक नमूना हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा: दरख्त का आप (ﷺ) की खिदमत में आना एक फर्ज के बारे में: तक्बीरे तहरीमा एक सुन्नत के बारे में: अरफ़ात में अफ़ज़ल तरीन दुआ एक अहेम अमल की फजीलत: सलाम में पहेल […]

7. ज़िल कदा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: हजरत अली बिन हुसैन (रह.) अल्लाह की कुदरत: फलों में रंग, मज़ा और खुश्बू एक फर्ज के बारे में: हज के महीने में एहराम बांधना एक सुन्नत के बारे में: जम जम खड़े हो कर पीना एक अहेम अमल की फजीलत: अल्लाह […]

5. ज़िल कदा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: अरफ़ात अल्लाह की कुदरत: समुंदरी मखलूक की हिफाजत एक फर्ज के बारे में: सई को तवाफ के बाद करना एक सुन्नत के बारे में: सवारी पर सवार होने के बाद की दुआ एक गुनाह के बारे में: शिर्के खफी क्या है? दुनिया […]

शबे क़द्र और इस की रात का महत्वः (शबे क़द्र की फ़ज़ीलत हिंदी में)

शबे क़द्र का अर्थ: रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है, जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है। जिसे शबे क़द्र कहा जाता है। शबे क़द्र का अर्थ होता हैः “सर्वश्रेष्ट रात“, ऊंचे स्थान वाली रात”, लोगों के नसीब लिखी जानी वाली रात। शबे क़द्र बहुत ही महत्वपूर्ण रात है, जिस के […]

शबे बरात से पहले मुआफ़ी मांगना कैसा ?

👉🏽आजकल व्हाट्सऐप और फेसबुक पर शबे बारात के हवाले से लोग एक दूसरे से अपनी गलतियों की मुआफ़ी मांग रहे हे और ये समज रहे हे हमने मुआफ़ी का हक्क अदा कर दिया.! 🔅इंसान के दो हक्क है एक हकुकुल्लाह और दुसरा हुकुकुल ईबाद🔅 👉🏽एक अल्लाह(عَزَّوَجَلَّ) का हक्क है जैसे की… हमने नमाज़ नही पड़ी, […]

कोरोना के डर से घरों में नमाज़ अदा करना कैसा है?

कुछ खाडी देश जिन में सऊदी अरब भी शामिल है, वहां की राज्य सरकार की तरफ से मस्जिदों में पंज वक्ता और नमाज़े जुमा पर पाबन्दी लगाने से मुस्लिम समाज में यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या ऐसा करना सही है?, क्या क़ुरआन व हदीस की रोशनी में मस्जिद बन्द करने और फराइज़ […]

इसरा और मेराज एक चमत्कार | Isra aur Meraj ka Safar

मेराज की घटना मुहम्मद (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) का एक महान चमत्कार है, और इस में आप (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) को अल्लाह ने विभिन्न निशानियों का जो अनुभव कराया यह भी अति महत्वपूर्ण है। मेराज के दो भाग हैं, प्रथम भाग को इसरा और दूसरे को मेराज कहा जाता है, लेकिन सार्वजनिक प्रयोग में दोनों ही […]

और (हे मनुष्य!) तेरे पालनहार ने आदेश दिया है कि उसके सिवा किसी की इबादत (वंदना) न करो तथा माता-पिता के साथ उपकार करो।” [कुरआन १७:२३] #Hadees #DailyHadees #HadeesoftheDay

अच्छाई उदारता नहीं है:  माता-पिता के साथ अच्छा बर्ताव अनिवार्य है उदारता नहीं। “और (हे मनुष्य!) तेरे पालनहार ने आदेश दिया है कि उसके सिवा किसी की इबादत (वंदना) न करो तथा माता-पिता के साथ उपकार करो।” (कुरआन १७:२३) Ref: Wisdom Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

सताए हुए की आह से बचो, क्यूंकि उसके और अल्लाह के मध्य कोई रुकावट नहीं होती। #Hadith #DailyHadith #HadithoftheDay

पैग़म्बर मुहम्मद (ﷺ) ने फ़रमाया: ❝ सताए हुए की आह से बचो, क्यूंकि उसके और अल्लाह के मध्य कोई रुकावट नहीं होती। ❞ 📕 बुख़ारी | #IslamicQuotes by Quotes.Ummat-e-Nabi.com

अल्लाह के साथ शिर्क न करना अगरचे तुम टुकड़े टुकड़े कर दिए जाओ और जला दिए जाओ। [हदीस: इब्ने माजाह 4034] #IplusTV #IslamicQuotes #Hadees #DailyHadees #HadeesoftheDay

۞ हदीस : अल्लाह के पैगम्बर (ﷺ) ने फ़रमाया : “अल्लाह के साथ शिर्क न करना अगरचे तुम टुकड़े टुकड़े कर दिए जाओ और जला दिए जाओ।” 📕 सुनन इब्ने माजाह; 4034 – सहीह