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inspirational views islam in hindi

क्या इस्लाम औरतों को पर्दे में रखकर उनका अपमान करता है और क्या बुरखा औरतो की आज़ादी के खिलाफ है ?

» उत्तर: इस्लाम में औरतों की जो स्थिति है, उसपर सेक्यूलर मीडिया का ज़बरदस्त हमला होता है। वे पर्दे और इस्लामी लिबास को इस्लामी क़ानून में स्त्रियों की दासता के तर्क के रूप में पेश करते हैं। इससे पहले कि हम पर्दे के धार्मिक निर्देश के पीछे मौजूद कारणों पर विचार करें, इस्लाम से पूर्व […]

चाँद के टूटने के विश्वास से सिद्ध होते है वैज्ञानिक तथ्य

बहुत समय से गैर मुस्लिम भाईयों को मुस्लिमों के इस विश्वास का मजाक उडाते देख रहा हूँ कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने चांद के दो टुकड़े कर दिए थे , ये लोग कहते हैं कि मुसलमान बार बार इस्लाम धर्म को विज्ञान पर खरा उतरने वाला धर्म बताते हैं, पर इस्लाम मे वर्णित […]

चींटियों की जीवनशैली और परस्पर सम्पर्क (Ant life in Quran)

!! कुरआन और जीव विज्ञान !! “पैग़म्बर सुलेमान (अलैहिस्सलाम) के लिये जिन्नातों, इंसानों, परिन्दों की सेनाऐं संगठित की गई थीं और वह व्यवस्थित विधान के अंतर्गत रखे जाते थे एक बार वह उनके साथ जा रहा था यहां तक कि जब तमाम सेनाएं चींटियों की वादी में पहुंचीं तो एक चींटी ने कहाः ‘‘ए चींटियो […]

इस्लाम का अध्ययन करना, बना सिस्टर जेनी केम्प की हिदायत की वजह

‘पहले मैं सोचती थी कि इस्लाम तो महिलाओं को चूल्हा-चौका करने और घर में कैद रहने के लिए मजबूर करता होगा लेकिन मैंने इसमें ऐसा नहीं पाया बल्कि ये तो अपने समय से ही दूसरों के प्रति उदार और सम्मानपूर्ण व्यवहार की सीख देता है। – जेनी केम्प (पुलिस सामुदायिक सहायता अधिकारी मैनचेस्टर) *अट्ठाइस वर्षीय […]

कुरआन और हदीस के अध्ययन के बाद मुझे अपनी जिंदगी का मक्सद इस्लाम में ही नजर आया: सिस्टर विक्टोरिया (अब आयशा)

सिस्टर विक्टोरिया (अब आयशा) की इस्लाम अपनाने की दास्तां बड़ी दिलचस्प है। उनका पहली बार मुसलमान और इस्लाम से सामना 2002 में तब हुआ जब उन्होंने सेना की नौकरी जॉइन की और सऊदी अरब के सैनिकों के सम्पर्क में आई। और फिर उन्होंने साल 2011 में इस्लाम अपना लिया । अपनी जिंदगी में घटित एक […]

अमेरिका के तीन ईसाई पादरी आये इस्लाम की शरण में: यूसुफ एस्टीज की जुबानी

एक साथ तीन पादरियो ने अपनाया ईस्लाम: अमेरिका के तीन ईसाई पादरी इस्लाम की शरण में आ गए। उन्हीं तीन पादरियों में से एक पूर्व ईसाई पादरी यूसुफ एस्टीज की जुबानी कि कैसे वे जुटे थे एक मिस्री मुसलमान को ईसाई बनाने में, मगर जब सत्य सामने आया तो खुद ने अपना लिया इस्लाम। बहुत […]

इस्लामी विरोधी डच राजनेता ‘अनार्ड वॉन डूर्न’ ने अपना लीया इस्लाम

“क्या ये संभव है कि जीवन भर आप जिस विचारधारा का विरोध करते आए हों एक मोड़ पर आकर आप उसके अनुनायी बन जाएं। कुछ ऐसा ही हुआ है नीदरलैंड में लंबे समय तक इस्लाम की आलोचना करने वाले डच राजनेता अनार्ड वॉन डूर्न ने अब इस्लाम धर्म कबूल कर लिया है।” अनार्ड वॉन डूर्न […]

डॉ. गैरी मिलर (इसाई प्रचारक) ने इस्लाम अपनाने के बाद रखा अपना नजरिया

कनाडा के डॉ. गैरी मिलर ने इस्लाम अपना लिया और वे इस्लाम के लिए एक महत्वपूर्ण संदेशवाहक साबित हुए। मिलर सक्रिय ईसाई प्रचारक थे और बाइबिल की शिक्षाओं पर उनकी गहरी पकड़ थी। वे गणित को काफी पसंद करते थे और यही वजह है कि तर्क में मिलर का गहरा विश्वास था। एक दिन गैरी […]

आठ साल तक धार्मिक अध्ययन के बाद मैं जान गई कि इस्लाम सच्चा धर्म है : खदीजा वाटसन

सिस्टर खदीजा वाटसन एक कट्टर ईसाई थीं। लेकिन जब इस्लाम का अध्ययन किया और इस्लाम के रूप में सच्चाई सामने आई तो इसे अपना लिया। – पूर्व पादरी, मिशनरी, प्रोफेसर और धर्मशास्त्र में मास्टर डिग्री धारक खदीजा स्यू वेस्टन की जुबानी कि आखिर वे किस तरह इस्लाम की आगोश में आईं। यह तुम्हें क्या हो […]

क़ुरआन मे मानव जीवन के लिये है – “समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व-भावना” : विशम्भर नाथ पाण्डे (भूतपूर्व राज्यपाल, उड़ीसा)

“क़ुरआन ने मनुष्य के आध्यात्मिक, आर्थिक और राजकाजी जीवन को जिन मौलिक सिद्धांतों पर क़ायम करना चाहा है उनमें लोकतंत्र को बहुत ऊँची जगह दी गई है और समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व-भावना के स्वर्णिम सिद्धांतों को मानव जीवन की बुनियाद ठहराया गया है।” – विशम्भर नाथ पाण्डे भूतपूर्व राज्यपाल, उड़ीसा क़ुरआन ‘‘तौहीद’’ यानी एकेश्वरवाद को दुनिया […]

इस्लाम केवल एक धर्म नहीं, बल्कि एक अति उत्तम जीवन-प्रणाली है: अन्नादुराई (भूतपूर्व मुख्यमंत्री – तमिलनाडु)

तमिलनाडु के भूतपूर्व मुख्यमंत्री अन्नादुराई इस्लाम के संधर्भ में कहते है – “इस्लाम केवल एक धर्म नहीं है, बल्कि वह एक जीवन-सिद्धांत और अति उत्तम जीवन-प्रणाली है।” इस जीवन-प्रणाली को दुनिया के कई देश ग्रहण किए हुए हैं। *जीवन-संबंधी इस्लामी दृष्टिकोण और इस्लामी जीवन-प्रणाली के हम इतने प्रशंसक क्यों हैं? सिर्फ़ इसलिए कि इस्लामी जीवन-सिद्धांत […]