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इब्ने ह़िब्बान

इबादत और हकूकुल इबाद।

पोस्ट 44 : इबादत और हकूकुल इबाद। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है, फ़रमाते हैं: ❝ एक शख़्स़ ने कहा: अल्लाह के रसूल ﷺ, एक औरत अपनी नमाज़, रोज़े और स़दकात की कसरत के लिए मशहूर है लेकिन वो अपनी ज़बान से अपने पडौसियों को तकलीफ़ देती है। अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: […]

बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई।

पोस्ट 29 : बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई। सौबान रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जो भी औ़रत बिला किसी मजबूरी के अपने शोहर से तलाक़ का मुतालबा करती है उस पर जन्ऩत की खुश्बू ह़राम है। ❞  📕 मुस्नद अहमद, अबू दाऊद, इब्ने माजा, 📕 तिर्मिज़ी, इब्ने […]

शोहर की फ़रमांबरदारी की फ़ज़ीलत

पोस्ट 07: शोहर की फ़रमांबरदारी की फ़ज़ीलत “अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि” “अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:” ❝ जब एक औ़रत अपनी पांच नमाज़ें अदा करे, (रमज़ान के) महीने के रोज़े रखे, अपनी शरमगाह की हिफ़ाज़त करे, और अपने शोहर की फ़रमांबरदारी करे तो वो (कियामत के दिन) जन्ऩत के जिस […]

किस औ़रत से निकाह़ बेहतर है ?

पोस्ट 05: किस औ़रत से निकाह़ बेहतर है ? “अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि” “अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:” ❝औ़रत से चार चीज़ों की बुनियाद पर निकाह़ किया जाता है । उसके माल, उसके ख़ानदान, उसकी खूबसूरती और उसके दीन की बुनियाद पर । लिहाज़ा तू दीनदार को अपने लिए इख़्तियार […]