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Hadees

KhudKhushi ki Wajah, Azab aur Iska Ilaaj

KhudKhushi (Suicide) in Islam KhudKhushi (Suicide) ka Matlab hai Insan ka Apne Aap ko kisi bhi Zariye se Amdan Qatal karna. Khudkushi Karna Haraam hai aur Kabeerah Gunaah hai. Allah Taala Quraan-e-Kareem me Irshad farmata hai : ۞ Bismillah-Hirrahman-Nirrahim ۞ ✦ Al-Quran: “Aur jo koi kisi Momeen ko Qasdan (Danista) Qatal kar Daale tou iss […]

Nijat ka Matlab | Jo Khamosh Raha Usne Nijat Paai

Nijat / Najat / Najaat ka Matlab ۞ Hadees: Uqba Bin Aamir (R.A.) farmate hai, Maine Arz kiya “Ya Rasool’Allah (ﷺ) ! Najaat kya hai?” Aap (ﷺ) ne farmaya : “Apni Zubaan ko Boori Baato se Roke Rahna Nijat hain.” Tirmizi Sharif ۞ Hadees: Nabi-e-Kareem (ﷺ) ka farman hain: “Jo (boori baaton se) Khamosh Raha […]

शबे मेराज का वाकिया | Shab e Meraj ka waqia

मेराज की घटना नबी (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) का एक महान चमत्कार है, और इस में आप (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) को अल्लाह ने विभिन्न निशानियों का जो अनुभव कराया यह भी अति महत्वपूर्ण है। मेराज के दो भाग हैं, प्रथम भाग को इसरा और दूसरे को मेराज कहा जाता है, लेकिन सार्वजनिक प्रयोग में दोनों ही […]

Allah Ta’ala ko Lagne waali Sabse Boori baat

♥ Mahum-e-Hadees: Abdullah bin Masood (R.A.) se riwayat hai ki, RasoolAllah (Sallallahu Alaihi Wasallam) ne farmaya: “Allah Subhanhu Ta’ala ko sabse Napasandeeda (Buri) baat ye lagti hai ki koi shakhs kisi se kahe ki Allah se Daro aur wo kahne lage ke Tu apni fikar kar.” – Al SilSila As Sahiha, 2809 – Al Baihiqi,601-Sahih […]

Dua e Qunoot | Witr ki Namaz mein padhne ki Dua

۞ Hadees: Hasan bin Ali (R.A.) ne farmaya ki RasoolAllah (ﷺ) ne hum ko kuch kalimat Sikhaye Jinhe hum Witr ke Qunoot me padhte hain wo ye hain: ✦ Dua e Qunoot ✦ اللَّهُمَّ اهْدِنِي فِيمَنْ هَدَيْتَ Allahumma ahdini fiman hadayat وَعَافِنِي فِيمَنْ عَافَيْتَ Wa Aafini fiman Aafayat وَتَوَلَّنِي فِيمَنْ تَوَلَّيْتَ Wa tawallani fiman tawallayat […]

धोकेबाजी से सावधान रहें।

धोकेबाजी से सावधान रहें। “झूठे वादे और चमक-धमक वाले उपहारों के द्वारा अनुचित कर्म करवाने का आह्वान करने वाले, दोस्त नहीं धोखेबाज हैं।” नकली संबंधों में अपनी गरिमा और जीवन का बलिदान न करें। Ref: Wisdom Media School

धर्म आत्मज्ञान के लिए है तथा आस्था, कर्म और संस्कृति का संगम जब होता है

धर्म आत्मज्ञान के लिए है। “आस्था, कर्म और संस्कृति का संगम जब होता है तब धर्म प्रबुद्ध होता है। इन में से एक की भी कमी धर्म की आत्मा को नष्ट कर देती है।”

एकजुट हो कर रहें। और सब मिलकर अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ लो [कुरआन ३:१०३]

एकजुट हो कर रहें। और सब मिलकर अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ लो और विभेद में न पड़ो। ( कुरआन ३:१०३ ) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

Ziyada Se Ziyada Sajdey Kiya Kare

۞ Hadees: Ubadah Bin Sabit (R.A) se riwayat hai ki, Rasool’Allah (ﷺ) ne farmaya – “Jo Banda Allah Ta’ala ko Ek Sajda bhi Karta hai, Tou Allah Ta’ala Uskey liye Ek Neki Likhega aur Ek Gunaah Muaf Farma Dega, aur Ek Darja Buland Farmayega Isliye Ziyada se Ziyada Sajdey Kiya Karo.” [Sunan Ibn Majah, 1424-Sahih] […]

Duniya ki Misaal Aakhirat ke Muqable me

۞ Hadees: Mustawrid (R.A) se riwayat hai ki, Rasool’Allah (ﷺ) ne farmaya : “Duniya ki Misaal Aakhirat ke Muqable me Aisee hai Jaisey Tum me se Koi Apni Ungli Samandar me Daley Phir Dekhey ki Kitna Paani Uski Ungli me Lagta hai.” [Sunan Ibn Majah, Vol-3, 989-Sahih]

Takabbur aur Dikhawe Wale Aamal se Bacha karo

۞ Hadees: Abu Darda (RaziAllahu Anhu) se marwi hain, Unohne Huzoor (Sallallahu Alaihay Wasallam) se Arz kiya “Mujhe Wasiyat Farmayiye”! *Aap (Sallallahu Alaihay Wasallam) ne farmaya : “Pakeeza Hunar Ikhtiyar kar, Nek Amal kar, Allah Ta’ala se Har Din ki Rozi Talab Karta Reh aur Apne Aapko Murdon me Shumaar kar! aur Har Insan ke […]

जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

” कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी ‘यानि’ मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है ।” [कुरआन 6:162] – बकरा ईद का असल नाम “ईदुल-अज़हा“ है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक “ईदुल फ़ित्र” और दूसरा “ईदुल अज़हा“….। – […]

ईद उल अजहा / क़ुरबानी ईद मुबारक। Eid ul Adha Mubarak 2020

ईद उल अजहा (क़ुरबानी ईद) हर मुसलमान के लिए एक अहम मौका होता है। कुछ लोगो की गलतफहमी है कि इस्लाम की स्थापना मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने की, ये बात वो बिना लेखक की फालतु किताब वाले बोलेंगे जिन्हे इस्लाम के नाम से हमेशा डराया जाता रहा हो, जबकि वो लोग असली इतिहास से […]

4. ज़िल कदा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: मिना हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा: जख्मी पैर का अच्छा हो जाना एक फर्ज के बारे में: बीवी के साथ अच्छा सुलूक करना एक सुन्नत के बारे में: एहराम बांधे तो इस तरह तल्बिया कहे एक अहेम अमल की फजीलत: हज व उमरह […]

3. ज़िल कदा | सिर्फ पाँच मिनट का मदरसा (कुरआन व हदीस की रौशनी में)

इस्लामी तारीख: सफा व मरवाह अल्लाह की कुदरत: अंडे से बच्चे का पैदा होना एक फर्ज के बारे में: मीकात से एहराम बांध कर गुज़रना एक सुन्नत के बारे में: एहराम से पहले खुशबु लगाना एक अहेम अमल की फजीलत: हज के दौरान गुनाहों से बचना एक गुनाह के बारे में: जिना और शराब पर […]

2. ज़िल कदा | सिर्फ पाँच मिनट का मदरसा (कुरआन व हदीस की रौशनी में)

इस्लामी तारीख: ज़मज़म का चश्मा हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा: आप (ﷺ) की दुआ से सर्दी खत्म हो गई एक फर्ज के बारे में: सफा और मरवाह की सई करना एक सुन्नत के बारे में: एहराम बांधने की दुआ एक अहेम अमल की फजीलत: बैतुल्लाह का तवाफ करना एक गुनाह के बारे में: किसी को तकलीफ […]

Maal hote huye bhi Apne rishtedaron ki madad na karne ka Azab

۞ Hadees: RasoolAllah (ﷺ) ne farmaya : “Koi bhi rishtedar apne kisi rishtedar ke paas aata hai aur Allah Subhanahu ne usey jo ataa Kiya hai usmein se fazal (jo cheez jarurat se zyada ho) ka sawal karta hai aur wo bukhal (burey Akhlakh / Kanjusi) se pesh aata hai tou Qayamat ke din Uske […]

1. ज़िल कदा | सिर्फ पाँच मिनट का मदरसा (कुरआन व हदीस की रौशनी में)

इस्लामी तारीख: बैतुल्लाह की तामीर अल्लाह की कुदरत: सूरज अल्लाह की निशानी एक फर्ज के बारे में: इस्लाम की बुनियाद एक सुन्नत के बारे में: एहराम के लिये गुस्ल करना एक अहेम अमल की फजीलत: हज व उमरह एक साथ करना एक गुनाह के बारे में: झूटी कसम खा कर माल बेचना दुनिया के बारे […]

30. शव्वाल | सिर्फ पाँच मिनट का मदरसा (कुरआन व हदीस की रौशनी में)

इस्लामी तारीख: हजरत सुहेल बिन अम्र (र.अ) हुजूर (ﷺ) का मुअजिजा: एक वसक जौ में बरकत एक फर्ज के बारे में: बीवी को उस का महर देना एक सुन्नत के बारे में: औलाद के फर्माबरदार होने के लिए एक अहेम अमल की फजीलत: पहली सफ की फजीलत एक गुनाह के बारे में: कुरआन का मज़ाक […]

29. शव्वाल | सिर्फ पाँच मिनट का मदरसा (कुरआन व हदीस की रौशनी में)

इस्लामी तारीख: हज़रत अनस बिन मालिक (र.अ) अल्लाह की कुदरत: सितारों में अल्लाह की कुदरत एक फर्ज के बारे में: दीन में पैदा की हुई नई बातों से बचना (बिद्दत से बचना) एक सुन्नत के बारे में: सोने के आदाब एक अहेम अमल की फजीलत: चाश्त की नमाज़ पढ़ना एक गुनाह के बारे में: नाम […]

28. शव्वाल | सिर्फ पाँच मिनट का मदरसा (कुरआन व हदीस की रौशनी में)

इस्लामी तारीख: रसूलुल्लाह (ﷺ) के बेटे हुजूर (ﷺ) का मुअजिजा: नबी (ﷺ) की दुआ से बारिश का होना एक फर्ज के बारे में: नमाज़ों को सही पढ़ने पर माफी का वादा एक सुन्नत के बारे में: सुबह व शाम पढ़ने की दुआ एक अहेम अमल की फजीलत: रोज़ा जहन्नम से दूर करने का सबब एक […]

Gadhe, Kutte aur Murghe ki aawaaz sun kar yeh dua kare

✦ Gadhe ki aawaaz aur kutte ki bhonk sun kar yeh Dua kare ❝ أَعُوذُ بِاللهِ مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ  ❞ 〘 Auzu Billahi Minash Shaitanir Rajim 〙 – (Allah ki Panah Mangta/Mangti hu Shaitan Mardud ke Sharr se)      📕 Sahih Bukhari:6115 📕 Sahih Muslim:2610 ✦ Raat me Kutte bhonkte waqt ki dua ۞ […]

27. शव्वाल | सिर्फ पाँच मिनट का मदरसा (कुरआन व हदीस की रौशनी में)

इस्लामी तारीख: हजरत फ़ातिमा बिन्ते रसूलुल्लाह (ﷺ) अल्लाह की कुदरत: रात और दिन का अदलना बदलना एक फर्ज के बारे में: बीवी की विरासत में शौहर का हिस्सा एक सुन्नत के बारे में: दुआ के खत्म पर चेहरे पर हाथ फेरना एक गुनाह के बारे में: सूद खाने वाले का अंजाम आख़िरत के बारे में: […]

26. शव्वाल | सिर्फ पाँच मिनट का मदरसा (कुरआन व हदीस की रौशनी में)

इस्लामी तारीख: हजरत उम्मे कुलसूम बिन्ते रसूलुल्लाह (ﷺ) हुजूर (ﷺ) का मुअजिजा: मशकीजे के पानी का खत्म न होना एक फर्ज के बारे में: सूद से बचना एक सुन्नत के बारे में: हलाल रिज्क और इल्मे नाफे की दुआ एक अहेम अमल की फजीलत: वुजू के बावजूद वुजू करना एक गुनाह के बारे में: कुफ्र […]

25. शव्वाल | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

(1). हजरत रुकय्या बिन्ते रसूलुल्लाह (र.अ), (2). अल्लाह का बा बरकत निजाम, (3). सजद-ए-तिलावत अदा करना, (4). बीमारों की इयादत करना, (5). किसी की बात को छुप कर सुनना, (6). दुनिया से बेरग़वती का इनाम, (7). जन्नतियों का लिबास, (8). हर बीमारी का इलाज, (9). सच्चे लोगों के साथ रहो।