Browsing tag

हदीस की बातें हिंदी में

जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

” कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी ‘यानि’ मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है ।” [कुरआन 6:162] – बकरा ईद का असल नाम “ईदुल-अज़हा“ है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक “ईदुल फ़ित्र” और दूसरा “ईदुल अज़हा“….। – […]

ईद उल अजहा / क़ुरबानी ईद मुबारक। Eid ul Adha Mubarak 2020

ईद उल अजहा (क़ुरबानी ईद) हर मुसलमान के लिए एक अहम मौका होता है। कुछ लोगो की गलतफहमी है कि इस्लाम की स्थापना मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने की, ये बात वो बिना लेखक की फालतु किताब वाले बोलेंगे जिन्हे इस्लाम के नाम से हमेशा डराया जाता रहा हो, जबकि वो लोग असली इतिहास से […]

99 क़ीमती बातें | कुरआन व हदीस की रौशनी में

1 अल्लाह की याद से अपने दिल को ताज़ा दम रखा कीजिए। इस लिए के खुदा की याद क़ुलूब के लिए इत्मिनान का जरिया है। (सूरह राअद 28) 2 अल्लाह की ज़ात आली पर मुकम्मल भरोसा कीजिये। इस लिए के अल्लाह त’अला तवक़्क़ल करने वालों को मेहबूब रखता हैं। (सूरह निसा) 3 शिर्क व असबाबे […]

5. ज़िल कदा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: अरफ़ात अल्लाह की कुदरत: समुंदरी मखलूक की हिफाजत एक फर्ज के बारे में: सई को तवाफ के बाद करना एक सुन्नत के बारे में: सवारी पर सवार होने के बाद की दुआ एक गुनाह के बारे में: शिर्के खफी क्या है? दुनिया […]

शबे क़द्र और इस की रात का महत्वः (शबे क़द्र की फ़ज़ीलत हिंदी में)

शबे क़द्र का अर्थ: रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है, जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है। जिसे शबे क़द्र कहा जाता है। शबे क़द्र का अर्थ होता हैः “सर्वश्रेष्ट रात“, ऊंचे स्थान वाली रात”, लोगों के नसीब लिखी जानी वाली रात। शबे क़द्र बहुत ही महत्वपूर्ण रात है, जिस के […]

शबे बरात से पहले मुआफ़ी मांगना कैसा ?

👉🏽आजकल व्हाट्सऐप और फेसबुक पर शबे बारात के हवाले से लोग एक दूसरे से अपनी गलतियों की मुआफ़ी मांग रहे हे और ये समज रहे हे हमने मुआफ़ी का हक्क अदा कर दिया.! 🔅इंसान के दो हक्क है एक हकुकुल्लाह और दुसरा हुकुकुल ईबाद🔅 👉🏽एक अल्लाह(عَزَّوَجَلَّ) का हक्क है जैसे की… हमने नमाज़ नही पड़ी, […]

इसरा और मेराज एक चमत्कार | Isra aur Meraj ka Safar

मेराज की घटना मुहम्मद (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) का एक महान चमत्कार है, और इस में आप (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) को अल्लाह ने विभिन्न निशानियों का जो अनुभव कराया यह भी अति महत्वपूर्ण है। मेराज के दो भाग हैं, प्रथम भाग को इसरा और दूसरे को मेराज कहा जाता है, लेकिन सार्वजनिक प्रयोग में दोनों ही […]

और (हे मनुष्य!) तेरे पालनहार ने आदेश दिया है कि उसके सिवा किसी की इबादत (वंदना) न करो तथा माता-पिता के साथ उपकार करो।” [कुरआन १७:२३] #Hadees #DailyHadees #HadeesoftheDay

अच्छाई उदारता नहीं है:  माता-पिता के साथ अच्छा बर्ताव अनिवार्य है उदारता नहीं। “और (हे मनुष्य!) तेरे पालनहार ने आदेश दिया है कि उसके सिवा किसी की इबादत (वंदना) न करो तथा माता-पिता के साथ उपकार करो।” (कुरआन १७:२३) Ref: Wisdom Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

सताए हुए की आह से बचो, क्यूंकि उसके और अल्लाह के मध्य कोई रुकावट नहीं होती। #Hadith #DailyHadith #HadithoftheDay

पैग़म्बर मुहम्मद (ﷺ) ने फ़रमाया: ❝ सताए हुए की आह से बचो, क्यूंकि उसके और अल्लाह के मध्य कोई रुकावट नहीं होती। ❞ 📕 बुख़ारी | #IslamicQuotes by Quotes.Ummat-e-Nabi.com

अल्लाह के साथ शिर्क न करना अगरचे तुम टुकड़े टुकड़े कर दिए जाओ और जला दिए जाओ। [हदीस: इब्ने माजाह 4034] #IplusTV #IslamicQuotes #Hadees #DailyHadees #HadeesoftheDay

۞ हदीस : अल्लाह के पैगम्बर (ﷺ) ने फ़रमाया : “अल्लाह के साथ शिर्क न करना अगरचे तुम टुकड़े टुकड़े कर दिए जाओ और जला दिए जाओ।” 📕 सुनन इब्ने माजाह; 4034 – सहीह

सत्य साधक के लिए कुरआन मार्गदर्शक है। “वास्तव में, ये कुरआन वह मार्ग दिखाता है, जो सबसे सीधी है…” (कुरआन 17:9) #Hadees #DailyHadees #HadeesoftheDay

सत्य साधक के लिए कुरआन  मार्गदर्शक है। “वास्तव में, ये कुरआन वह मार्ग दिखाता है, जो सबसे सीधी है…” (कुरआन  17:9) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

संदेह पैदा करनेवाले को छोड़कर निःसंदेह वाले को स्वीकार करें। सत्य शांति है और असत्य शंका।” (हजरत मुहम्मद ﷺ) #Hadees #DailyHadees #HadeesoftheDay

अनिश्चित्व/ संदेह में शांति नहीं। “संदेह पैदा करनेवाले को छोड़कर निःसंदेह वाले को स्वीकार करें। सत्य शांति है और असत्य शंका।” (हजरत मुहम्मद ﷺ) Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

Baat me Narmi aur Bepardagi | Post 13 | Islam aur Humara Ghar

पोस्ट 1⃣3⃣ “इस्लाम और हमारा घर” बात में नरमी और बेपर्दगी अल्लाह तआ़ला ने फ़रमाया: “ऐ नबी की बीवियों! तुम आम औरतों की तरह नहीं हो, अगर तुम तक़्वा इख़्तियार करना चाहती हो तो बातों में लचक ना पैदा करो वरना जिसके दिल में बीमारी है वो तमऩ्ना करेगा। और तुम सीधी सीधी बात करो, […]