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Bismillah

शबे क़द्र और इस की रात का महत्वः (शबे क़द्र की फ़ज़ीलत हिंदी में)

शबे क़द्र का अर्थ: रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है, जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है। जिसे शबे क़द्र कहा जाता है। शबे क़द्र का अर्थ होता हैः “सर्वश्रेष्ट रात“, ऊंचे स्थान वाली रात”, लोगों के नसीब लिखी जानी वाली रात। शबे क़द्र बहुत ही महत्वपूर्ण रात है, जिस के […]

इसरा और मेराज एक चमत्कार | Isra aur Meraj ka Safar

मेराज की घटना मुहम्मद (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) का एक महान चमत्कार है, और इस में आप (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) को अल्लाह ने विभिन्न निशानियों का जो अनुभव कराया यह भी अति महत्वपूर्ण है। मेराज के दो भाग हैं, प्रथम भाग को इसरा और दूसरे को मेराज कहा जाता है, लेकिन सार्वजनिक प्रयोग में दोनों ही […]

बनी इस्राईल पर अल्लाह का अज़ाब और उम्मते मुस्लिमा के लिए इबरत

आज हम जिस हालात से गुजर रहे है आखिर क्या वजह है के हमारा रब हमसे नाराज़ है और ज़ालिम हुकुमराह हमपर मुसल्लत, आईये इसके ताल्लुक से हमसे पिछली उम्मत यानी बनी इस्राईल की हलाकत की मिसाल पर गौर करते है. बनी इस्राईल पर अल्लाह के अज़ाब का पहला वादा: बनी इस्राईल हमसे पहले अल्लाह […]

ईद मिलाद-उन-नबी – 12 रब्बी-उल-अव्वल की हक़ीक़त

۞ अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाही व बरकतुहु ۞ 12 रब्बी-उल-अव्वल को बर्रे सगीर मे की जाने वाला दिन भी हम मुसलमानो मे बड़े इख्तेलाफ़ का मौजू है, आइए हम इस्स दिन के पसेमंजर पर गौर करते है, सहाबा-ए-कीराम के हालत-ए-ज़िंदगी के असर देखते है के उनपर ये दिन कैसे गुजरा । ✦ रसूल-ए-करीम (ﷺ) की वफ़ात […]

कुरआन में खारे और मीठे पानी का रहस्य – Quran about oceanology (कुरान और समुद्र विज्ञान)

आधुनिक विज्ञान ने यह खोज कर ली है कि जहां-जहां दो भिन्न समुद्र Oceans आपस में मिलते है वहीं वहीं उनके बीच ‘दीवार’ भी होती है। दो समुद्रों को विभाजित करने वाली अनदेखी दीवार यह है कि उनमें से एक समुद्र की लवणता:Salinity जल यानि तापमान और रसायनिक अस्तित्व एक दूसरे से भिन्न होते हैं […]

जानिए – रोज़ा क्या और क्यों ?

इंसान के बुनियादी सवाल !!! इस सम्पूर्ण विश्व और इंसान का अल्लाह (ईश्वर) एक है। ईश्वर ने इंसान को बनाया और उसकी सभी आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रबंध किया। इंसान को इस ग्रह पर जीवित रहने के लिए लाइफ सपोर्ट सिस्टम दिया। इंसान को उसके मूल प्रश्नों का उत्तर भी बताया। इंसान को क्या […]

जानिए: क्या मुसलमान काबे की पूजा करते है ?

# सवाल: नादान लोग कहेते है की मुस्लिम काबे की पूजा करते है,. क्या ये सही है ? » जवाब: ‘काबा’ किबला है अर्थात् वह दिशा जिधर मुसलमान नमाज़ के समय अपने चेहरे का रुख़ करते हैं। यह बात सामने रहनी चाहिए कि यद्यपि मुसलमान अपनी नमाज़ों में काबा की तरफ़ अपना रुख़ करते हैं […]

पवित्र क़ुरआन और अंतरिक्ष विज्ञान (Holy-Quran & Space Science)…

– जब से इस पृथ्वी ग्रह पर मानवजाति का जन्म हुआ है, तब से मनुष्य ने हमेशा यह समझने की कोशिश की है कि प्राकृतिक व्यवस्था कैसे काम करती है, रचनाओं और प्राणियों के ताने-बाने में इसका अपना क्या स्थान है और यह कि आखि़र खु़द जीवन की अपनी उपयोगिता और उद्देश्य क्या है ? […]

पवित्र क़ुरआन और परमाणु: (Holy Quran & Atoms)

*तमाम संस्कृतियों में मानवीय शक्ति वचन और रचनात्मक क्षमताओं की अभिव्यक्ति के प्रमुख साधनों में साहित्य और शायरी (काव्य रचना) सर्वोरि है। विश्व इतिहास में ऐसा भी ज़माना गु़ज़रा है जब समाज में साहित्य और काव्य को वही स्थान प्राप्त था जो आज विज्ञान और तकनीक को प्राप्त है। – गै़र-मुस्लिम भाषा-वैज्ञानिकों की सहमति है […]

नर और मादा पौधे (Holy-Quran & Botany) ….

*पवित्र क़ुरआन और वनस्पति विज्ञान: – प्राचीन काल के मानवों को यह ज्ञान नहीं था कि पौधों में भी जीव जन्तुओं की तरह नर (पुरूष) मादा (महिला) तत्व होते हैं। अलबत्ता आधुनिक वनस्पति विज्ञान यह बताता है कि पौधे की प्रत्येक प्रजाति में नर एवं मादा लिंग होते हैं। यहां तक कि वह पौधे जो […]

पशुओं और परिंदों का समाजी जीवन …

*पवित्र क़ुरआन और जीव विज्ञान (Holy Quran & Biology) ♥ अल-क़ुरआन: “धरती पर चलने वाले किसी पशु और हवा में परों से उड़ने वाले किसी परिंदे को देख लो यह सब तुम्हारे ही जैसी नस्लें हैं और हम ने उनका भाग्य लिखने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैः फिर यह सब अपने रब की ओर […]

मधु (शहद) मानवजाति के लिये, शिफ़ा (रोग मुक्ति)

*पवित्र क़ुरआन और चिकित्सा-विज्ञान (Holy Quran & Medical Science) .. *शहद की मक्खी कई प्रकार के फूलों और फलों का रस चूसती हैं और उसे अपने ही शरीर के अंदर शहद में परिवर्तित करती हैं। इस शहद यानि मधु को वह अपने छत्ते के बने घरों (cells) में इकटठा करती हैं। आज से केवल कुछ […]

कत्ल और आतंकवाद को इस्लाम का समर्थन नहीं

वो लोग जो अपने क़त्लो-गारत और दहशतगर्दी के कामों को इस्लाम के आदेशानुसार बतलातें हैं वो कुरान और पैगम्बर (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) की तालीमों का अपमान करतें है। क्योंकि कुरान वो ग्रंथ है जिसने एक कत्ल के अपराध को पूरी इंसानियत के कत्ल करने के अपराध के बराबर रखा और कहा: ❝ जिसने कोई जान क़त्ल […]