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Best Islamic Quotes in Hindi

कजाए उमरी नमाज़ की हकीकत: हिंदी में

अक्सर रमजान का आखरी जुमा आने तक कजा नमाज वाली पोस्ट शोशल मिडीया पर वायरल होती रहती है, यह मैसेज किसने अपलोड किया, कोई नहीं जानता! लेकिन ताज्जुब इस बात का है के, यह कुछ मुसलमान भाई बिना सोचे समझे ऐसे मैसेज खूब फोर्वड कर रहे है , अल्लाह रेहम करे नतीजतन लोगों में बेशुमार […]

रमज़ान का महिना … जानिए: इसमें क्या है हासिल करना ?

हम मुसलमानों ने कुरआन की तरह रमज़ान को भी सिर्फ सवाब की चीज़ बना कर रख छोड़ा है, हम रमज़ान के महीने से सवाब के अलावा कुछ हासिल नहीं करना चाहते इसी लिए हमारी ज़िन्दगी हर रमज़ान के बाद फ़ौरन फिर उसी पटरी पर आ जाती है जिस पर वो रमज़ान से पहले चल रही […]

इस्लाम सुलह और शांति सिखाता है

♥ मफहूम-ऐ-हदीस ﷺ अल्लाह के नबी (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) ने एक रोज़ सहाबा से फ़रमाया: “क्या मै तुम्हे उस चीज़ के बारे में न बता दू जिसका दर्जा रोज़े , नमाज़ , सदके से भी ज्यादा ?” लोगो ने जवाब दिया: ए अल्लाह के रसूल! हमे जरुर बताये! आप (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: “उन […]

दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 2

✦ दज्जाल का नाम और इसका मतलब: यहुदी अपने इस नजात दहिन्दा का आखिरी नाम यबुल, युबील, या हुबल बताते है, जो हमारी इस्लामी इस्तलाह मे तागुत और बुतो का नाम है और इसका लकब इनके यहा مسیحا या مسیا है। दज्जाल का असल नाम मालूम नही, क्योंकि हदीस मे नही आया, ये अपने लकब […]

जिसकी बुनियाद शरीयत मे नही ऐसा काम दीन मे ईजाद करना मरदूद है

हजरते आयेशा (रज़ीअल्लाहु अन्हा) से रिवायत है की, रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया: “जिसने दीन मे कोई ऐसा काम किया जिसकी बुनियाद शरीअत में नहीं वो काम मरदूद है।” – (सुनन इब्न माजाह, हदीस 14) ✦ वजाहत: मसलन वो तमाम आमाल जिन्हे हम नेकी और सवाब की उम्मीद से करते है लेकिन जो सुन्नत से साबित न […]

इस्लाम से पहले क्या था – What was the before Islam ?

✦ प्रायः यह पूछा जाता है कि इस्लाम से पहले कौन सा धर्म था ? ✦ अगर इस्लाम ही सच्चा धर्म है तो क्या उससे पहले के व्यक्ति की मुक्ति कैसे होगी ?. यह अक्सर प्रश्न नॉन-मुस्लिम भाई पूछते रहते हैं। वैसे इसका एक मुख्य कारण है क्यूं कि वे समझते हैं कि इस्लाम मुहम्मद (सलल्लाहो […]

अल्लाह और आखिरत(महा प्रलय) के दिन पर ईमान रखने वाले इन बातो पर जरुर ध्यान दे

✦ हज़रत अबू हुरैरह रज़िअल्लाहु अन्हु रिवायत करते हैं कि नबी सलल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फरमाया “जो कोई भी अल्लाह और आखिरी दिन पर ईमान रखता है, वो दूसरों के साथ या तो भले तरीके से अच्छे अल्फाज़ मे बात करे, नहीं तो खामोश रहे, ! जो कोई भी अल्लाह और आखिरी दिन पर ईमान […]

दुआ इबादत है – तो इबादत के उसूल – हदीस की रौशनी में

♥ मह्फुम ऐ हदीस: हजरत अब्दुल्लाह इब्न अब्बास (रज़ि0) का बयान है कि एक दिन मैं अल्लाह के अन्तिम रसूल मुहम्मद (सलाल्लाहो अलैहि वसल्लम) के पीछे सवारी पर बैठा था कि आपने फऱमायाः ऐ बेटे! मैं तुम्हें कुछ बातें सिखाता हूं: अल्लाह को याद रख, अल्लाह तेरी रक्षा करेगा। अल्लाह को याद रख अल्लाह को […]

हदिस का परिचय – हदीस पर अमल की जरुरत

पवित्र क़ुरआन के बाद मुसलमानों के पास इस्लाम का दूसरा शास्त्र अल्लाह के रसूल मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की कथनी और करनी है जिसे हम हदीस और सीरत के नाम से जानते हैं। हदिस की परिभाषाः हदीस का शाब्दिक अर्थ है: बात, वाणी और ख़बर। इस्लामी परिभाषा में ‘हदीस’ मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) […]