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बैहकी हदीस

औ़रत का मर्द पर ह़क़

पोस्ट 14 : औ़रत का मर्द पर ह़क़ मआ़विया अल कुशैरी रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत हैं, फ़रमाते हैं: मैं ने अर्ज़ किया: ❝ ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ हमारी बीवियों का हम पर क्या ह़क़ है ? आप ﷺ ने फ़रमाया: ये कि जब तुम खाओ तो उन्हें भी खिलाओ, और तुम पहनो तो उन्हें […]

बीवियों में अ़दल की अहमियत

पोस्ट 13 : बीवियों में अ़दल की अहमियत अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जब किसी शख़्स़ की दो बीवियां हो, और वो उन के दरमियान अ़दल ना करे तो क़ियामत के दिन वो इस हाल में आएगा कि उस का एक पहलू साक़ित (paralysed)  होगा। […]

शोहर की ह़ाजत की रिआ़यत करने की अहमियत

पोस्ट 12 : शोहर की ह़ाजत की रिआ़यत करने की अहमियत अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ उस जात की क़सम जिस के हाथ में मेरी जान है! जो भी शख़्स़ अपनी बीवी को अपने बिछोने की त़रफ़ बुलाता है और वो उस का इन्कार करती […]

शोहर को राज़ी करने की फ़ज़ीलत

पोस्ट 11 : शोहर को राज़ी करने की फ़ज़ीलत इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ क्या मैं तुम्हें जन्ऩती मर्द कौन हैं ना बतादूं ? लोगों ने अ़र्ज़ किया: ज़रूर ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ ! आप ने फ़रमाया: नबी जन्ऩती है, सिद्दीक़ जन्ऩती है, शहीद जन्ऩती […]

शोहर का बीवी पर हक़

पोस्ट 09 : शोहर का बीवी पर हक़ “अब्दुल्लाह बिन औफ़ रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, फ़रमाते हैं:” जब मुआ़ज़ रज़िअल्लाहु अ़न्हु मुल्के शाम से लौटे तो आते ही नबी ﷺ के आगे सज्दे में गिर गए। आप ﷺ ने पूछा: ऐ मुआ़ज़ ये क्या है ? वो बोले: मैं शाम गया तो देखा […]

दीन व दुनिया में शोहर का तआ़वुन करना

पोस्ट 08: दीन व दुनिया में शोहर का तआ़वुन करना “अबू उमामा रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि” अल्लाह के रसूल ﷺ ने मुआ़ज़ बिन ज़बल से फ़रमाया: ❝ऐ मुआ़ज़! शुक्र करने वाला दिल, ज़िक्र करने वाली ज़बान और नेक बीवी जो दुनिया और दीन के मुआ़मले में तेरी मदद करे उन तमाम ख़ज़ाने से […]

बेहतरीन औ़रत और बद्तरीन औ़रत

पोस्ट 04: बेहतरीन औ़रत और बद्तरीन औ़रत अबू उज़ैना सदफ़ी रज़िअल्लाह अ़न्हु रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: तुम्हारी औ़रतों में बेहतरीन औ़रत वो हैं जो निहायत मुहब्बत करने वाली, खूब औलाद वाली, शोहर की मुवाफ़िक़त करने वाली और ताउन करने वाली हैं बशर्त़ कि अल्लाह से डरने वाली हो। और तुम्हारी […]