पडोसन के हदिये की क़द्र करना।

पोस्ट 45 :
पडोसन के हदिये की क़द्र करना।

अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि
अल्लाह के नबी ﷺ ने फ़रमाया:

ऐ मुसलमान औरतों! कोई औ़रत अपनी पडौसन (के हदिये) को हकीर ना समझे चाहे वो हदिये में बकरी का खुर ही क्यूं ना दे।

📕 बुखारी: अल हिबा व फ़ज़्लिहा वत्तह़रीजु अ़लैहा 2566
📕 मुस्लिम: अ़ज़्ज़कात 1711

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

Series : ख़्वातीन ए इस्लाम

J.Salafyबुखारी शरीफ हदीस हिंदी मेंमुस्लिमसुनन इब्ने माजाहदीस की बातें हिंदी में
Comments (0)
Add Comment


Recent Posts