निकाह़ के लिए औ़रत की भी इजाज़त ज़रूरी है।

पोस्ट 28 :
निकाह़ के लिए औ़रत की भी इजाज़त ज़रूरी है।

इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि
अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:

स़य्यिबा (यानी मुत़ल्लिका या बेवा औ़रत) वली के मुकाबले में अपने निकाह़ का ज़ियादा इख़्तियार रखती है। और कुंवारी से पूछा जाएगा और उस की ख़ामोशी ही उसकी त़रफ़ से इकरार है।

और एक रिवायत के अ़ल्फ़ाज यूं है:
“सय्यिबा अपने बारे में अपने वली से ज़ियादा ह़क़ रखती है और कुंवारी से उसका बाप उस की इजाज़त लेगा। और उसका ख़ामोश रहना (यानी इनकार ना करना) ही उसकी त़रफ़ से इजाज़त है।”

 📕 मुस्लिम: अऩ्निकाह 2546

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

Series : ख़्वातीन ए इस्लाम

J.Salafyमुस्लिमसुनन इब्ने माजाहदीस की बातें हिंदी में
Comments (0)
Add Comment


Recent Posts