नबी ﷺ के दौर में औ़रतों का फ़रमाने नबवी की ताबेदारी करना।

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नबी ﷺ के दौर में औ़रतों का फ़रमाने नबवी की ताबेदारी करना।

अब्दुल्लाह बिन अ़म्र बिन आ़स़ रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि:

❝ एक औ़रत अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और उसके साथ उसकी बेटी थी जिसके हाथों में सोने के मोटे मोटे कंगन थे। अल्लाह के नबी ﷺ ने उस से कहा: क्या तुम उसकी ज़कात देती हो ? उसने कहा: नहीं। आप ने फ़रमाया: क्या तुम्हें ये पसंद है कि क़ियामत के दिन उन की वजह से अल्लाह तआ़ला तुम्हें आग के कंगन पहनाए।

ये सुनकर उस औ़रत ने वो दोनों कंगन (अपनी बेटी के हाथों से) उतार दिये और अल्लाह के नबी ﷺ के आगे डाल दिये और कहा: ये अल्लाह के लिए है और उस के रसूल के लिए।

📕 अबू दाऊद, तिर्मिज़ी, नसाई
📕 अबू दाऊद बितह़क़ीक़िल अल्बानी 1563-ह़सन

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

Series : ख़्वातीन ए इस्लाम

J.Salafyअबू दाऊदतिर्मिज़ीनसाईसुनन इब्ने माजाहदीस की बातें हिंदी में
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