ख़्वातीन का मस्जिद में आना।

पोस्ट 22 :
ख़्वातीन का मस्जिद में आना।

इब्ने उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि;

❝ उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु की ज़ौजा मोहतरमा फ़ज़्र और इशा की नमाज़ मस्जिद में बाजमात अदा करती थीं। उन से किसी ने पूछा: आप क्यूं (नमाज़ के लिए) घर से बाहर निकलती हैं जब कि उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु इस को नापसंद करते हैं और उन्हें बड़ी गैरत आती है? इस पर उन्होंने जवाब दिया के: फिर वो मुझे मना क्यूं नहीं कर देते। (पूछने वाले) ने कहा के: उन्हें अल्लाह के रसूल ﷺ की ये बात रोक देती है कि: अल्लाह की बंदियों को अल्लाह की मस्जिदों से ना रोको।

📕 बुखारी: अल जुमा 900

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

Series : ख़्वातीन ए इस्लाम

J.Salafyबुखारी शरीफ हदीस हिंदी मेंसुनन इब्ने माजाहदीस की बातें हिंदी में
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