Waqt ki Pabandi, Soney aur Jaagne ka Waqt | Post 4 | Islam aur Humara Ghar

वक्त की पाबन्दी, सोने और जागने का वक़्त » पोस्ट 4⃣ » इस्लाम और हमारा घर

पोस्ट 4⃣

“इस्लाम और हमारा घर”

वक्त की पाबन्दी – सोने और जागने का वक़्त

अबूबर्ज़ा रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं:
“अल्लाह के रसूल ﷺ इशा से पहले सोने और उसके बाद बात चीत करने को नापसंद करते थे।”

(बुखारी 535, मुस्लिम 1025)
अल्फ़ाज़ बुखारी के हैं ।

सिरीज » इस्लाम और हमारा घर

——J,Salafy✒——
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जिस शख़्स ने किसी नेकी का पता बताया, उसके लिए (भी) नेकी करने वाले के जैसा अजर हैं।
(स़ही़ह़ मुस्लिम: ज़ी. 3, हदीस 4665)

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