14. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: अल्लामा अब्दुर्रहमान बिन जौज़ी (रह.) हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा: बेहोशी से शिफ़ा पाना एक फर्ज के बारे में: कज़ा नमाज़ों की अदायगी एक सुन्नत के बारे में: गुनाहों से बचने की दुआ एक अहेम अमल की फजीलत: मस्जिद की सफाई का इन्आम एक […]

13. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: इमाम अबुल हसन अशअरी (रह.) अल्लाह की कुदरत: बचाव की सलाहियत एक फर्ज के बारे में: हजरत मुहम्मद (ﷺ) को आखरी नबी मानना एक सुन्नत के बारे में: खाना खाते वक्त टेक न लगाना एक अहेम अमल की फजीलत: इस्तिगफार की बेशुमार […]

12. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: शेख अब्दुल कादिर जीलानी (रह.) हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा: एक प्याला खाने में बरकत एक फर्ज के बारे में: कर्ज अदा करना एक सुन्नत के बारे में: इस्मे आज़म के साथ दुआ एक अहेम अमल की फजीलत: लोगों के साथ नर्मी से पेश […]

11. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: इमाम गज़ाली (रह.) अल्लाह की कुदरत: पहाड़ों में कुदरत का नमूना एक फर्ज के बारे में: अपने घर वालों को नमाज़ का हुक्म देना एक सुन्नत के बारे में: बात ठहर ठहरकर और साफ साफ़ करना एक अहेम अमल की फजीलत: बाराह रकात […]

जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

” कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी ‘यानि’ मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है ।” [कुरआन 6:162] – बकरा ईद का असल नाम “ईदुल-अज़हा“ है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक “ईदुल फ़ित्र” और दूसरा “ईदुल अज़हा“….। – […]

ईद उल अजहा / क़ुरबानी ईद मुबारक। Eid ul Adha Mubarak 2020

ईद उल अजहा (क़ुरबानी ईद) हर मुसलमान के लिए एक अहम मौका होता है। कुछ लोगो की गलतफहमी है कि इस्लाम की स्थापना मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने की, ये बात वो बिना लेखक की फालतु किताब वाले बोलेंगे जिन्हे इस्लाम के नाम से हमेशा डराया जाता रहा हो, जबकि वो लोग असली इतिहास से […]

8. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: इमाम इब्ने माजा (रह.) हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा: थोड़े से छूहारों में बरकत एक फर्ज के बारे में: तक्बीराते तशरीक एक सुन्नत के बारे में: खैर व भलाई की दुआ एक गुनाह के बारे में: जलील तरीन लोग दुनिया के बारे में : […]

7. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: इमाम नसई (रह.) अल्लाह की कुदरत: मुखतलिफ तरीके से पानी का उतरना एक फर्ज के बारे में: आप (ﷺ) की आखरी वसिय्यत एक सुन्नत के बारे में: कुर्ते की आस्तीन गट्टों तक होना एक अहेम अमल की फजीलत: अरफ़ा के दिन रोजा रखना […]

99 क़ीमती बातें | कुरआन व हदीस की रौशनी में

1 अल्लाह की याद से अपने दिल को ताज़ा दम रखा कीजिए। इस लिए के खुदा की याद क़ुलूब के लिए इत्मिनान का जरिया है। (सूरह राअद 28) 2 अल्लाह की ज़ात आली पर मुकम्मल भरोसा कीजिये। इस लिए के अल्लाह त’अला तवक़्क़ल करने वालों को मेहबूब रखता हैं। (सूरह निसा) 3 शिर्क व असबाबे […]

6. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: इमाम तिर्मिज़ी (रह.) हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा: बकरियों का अपने अपने मालिक के पास चले जाना एक फर्ज के बारे में: हज की फ़र्जियत एक सुन्नत के बारे में: आमाल की कुबूलियत की दुआ एक अहेम अमल की फजीलत: यतीम के सर […]

5. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: इमाम अबू दाऊद (रह.) अल्लाह की कुदरत: बिजली कुंदना एक फर्ज के बारे में: नेकियों का हुक्म देना और बुराइयों से रोकना एक सुन्नत के बारे में: इमामा का शम्ला छोड़ना एक अहेम अमल की फजीलत: अच्छे अखलाक़ वाले का मर्तबा एक […]

हज का सुन्नत तरीका हिंदी में

Content तारूफ (Intro) हज के फ़र्ज़ होने की दलील हज्ज के फ़र्ज़ होने की शर्तें • हज में एहतियात करने वाली बाते • ख़वातीन और परदे का अहतमाम एहराम की हालत में ममनूअ (मना की हुई) चीज़ें एहराम की हालत में ममनूअ की तीन हालतें फिदिया • आम ममनूअ अमल का फिदिया • बाज़ संगीन […]

16. ज़िल कदा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: हज़रत हसन बसरी (रह.) हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा: खाने में बरकत एक फर्ज के बारे में: हाजी पर कुर्बानी करना एक सुन्नत के बारे में: अहल व अयाल के लिए दुआ एक अहेम अमल की फजीलत: अल्लाह तआला नर्मी को पसंद करता […]