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उम्मत की इस्लाह

शबे क़द्र और इस की रात का महत्वः (शबे क़द्र की फ़ज़ीलत हिंदी में)

शबे क़द्र का अर्थ: रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है, जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है। जिसे शबे क़द्र कहा जाता है। शबे क़द्र का अर्थ होता हैः “सर्वश्रेष्ट रात“, ऊंचे स्थान वाली रात”, लोगों के नसीब लिखी जानी वाली रात। शबे क़द्र बहुत ही महत्वपूर्ण रात है, जिस के […]

शबे बरात से पहले मुआफ़ी मांगना कैसा ?

👉🏽आजकल व्हाट्सऐप और फेसबुक पर शबे बारात के हवाले से लोग एक दूसरे से अपनी गलतियों की मुआफ़ी मांग रहे हे और ये समज रहे हे हमने मुआफ़ी का हक्क अदा कर दिया.! 🔅इंसान के दो हक्क है एक हकुकुल्लाह और दुसरा हुकुकुल ईबाद🔅 👉🏽एक अल्लाह(عَزَّوَجَلَّ) का हक्क है जैसे की… हमने नमाज़ नही पड़ी, […]

कोरोना वायरस: संक्रामक रोग एवं इस्लाम

आजकल कोरोना वायरस चारों तरफ फैल चुका है, लोगों के अंदर दहशत पैदा हो चुकी है, खासतौर से मुसलमानो में कोरोना  वायरस के बारे में बेशुमार गलतफहमियां पायी जा रही है , तो आईये इस पोस्ट में कोरोना वायरस जैसे संक्रामक रोग के बारे में इस्लाम में क्या नेतृत्व किया है इसपर अध्ययन करते है। […]

जऩ्नत में बुढ़ापा नहीं।

पोस्ट 49 : जऩ्नत में बुढ़ापा नहीं। हसन बसरी रहिमहुल्लाह फ़रमाते हैं: ❝ एक बूढ़ी औरत नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, अल्लाह से दुआ़ कीजिए कि वो मुझे जऩ्नत में दाख़िल कर दे । इस पर आप ने फ़रमाया: ओ फुलां, जऩ्नत में बुढ़ी औरत नहीं जाएगी । इस […]

सब्र दरअस़्ल सदमे की इब्तिदा में होता है।

पोस्ट 48 : सब्र दरअस़्ल सदमे की इब्तिदा में होता है। साबित अल बुनानी रहिमहुल्लाह फ़रमाते हैं कि: ❝ मैं ने अनस बिन मालिक रज़िअल्लाहु अ़न्हु को उनके घर की किसी ख़ातून से फ़रमाते सुना: क्या तुम फुलां औ़रत को जानती हो ? उन्होंने कहा: हां। फ़रमाया: अल्लाह के नबी ﷺ उस औ़रत के पास […]

जन्नती औरत: मुस़ीबत पर स़ब्र की फ़ज़ीलत।

पोस्ट 47 : जन्नती औरत: मुस़ीबत पर स़ब्र की फ़ज़ीलत। अ़त़ा बिन अबी रबाह़ से रिवायत है कि, मुझसे इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु ने फ़रमाया: ❝ क्या मैं तुम्हें एक जन्नती औरत ना दिखाऊं ! मैं ने कहा: ज़रूर। फ़रमाया: ये काली औ़रत, अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल […]

नौहा (मातम) करने वाली औ़रत।

पोस्ट 46 : नौहा (मातम) करने वाली औ़रत। अबू मालिक अल अश्अ़री से रिवायत है कि, अल्लाह के नबी ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जाहिलियत की चार चीज़ें मेरी उम्मत में बाक़ी रहेंगी, वो उसे नहीं छोड़ेंगे। हसब पर फ़ख़्र करना, नसब पर ताअ़्न करना, सितारों से बारिश का अ़कीदा रखना, और (मय्यित पर) मातम करना। […]

पडोसन के हदिये की क़द्र करना।

पोस्ट 45 : पडोसन के हदिये की क़द्र करना। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के नबी ﷺ ने फ़रमाया: ❝ ऐ मुसलमान औरतों! कोई औ़रत अपनी पडौसन (के हदिये) को हकीर ना समझे चाहे वो हदिये में बकरी का खुर ही क्यूं ना दे। ❞ 📕 बुखारी: अल हिबा व फ़ज़्लिहा वत्तह़रीजु […]

इबादत और हकूकुल इबाद।

पोस्ट 44 : इबादत और हकूकुल इबाद। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है, फ़रमाते हैं: ❝ एक शख़्स़ ने कहा: अल्लाह के रसूल ﷺ, एक औरत अपनी नमाज़, रोज़े और स़दकात की कसरत के लिए मशहूर है लेकिन वो अपनी ज़बान से अपने पडौसियों को तकलीफ़ देती है। अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: […]

बिल्ली को बांध कर रखने वाली औरत का वाक़िआ।

पोस्ट 43 : बिल्ली को बांध कर रखने वाली औरत का वाक़िआ। अब्दुल्लाह बिन उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ एक औ़रत मह़ज़ एक बिल्ली की वजह से अ़ज़ाब दी गई। उसने उस बिल्ली को क़ैद कर के रखा यहां तक कि वो मर गई। लिहाज़ा वो इसी […]

कुत्ते को पानी पिलाने वाली औरत का क़िस्सा।

पोस्ट 42 : कुत्ते को पानी पिलाने वाली औरत का क़िस्सा। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ एक कुत्ता कुंवे के करीब चक्कर लगा रहा था और ह़ाल ये था कि प्यास से मर जाएगा। इस का ये ह़ाल बनी इसराइल की एक बदकार औरत ने देखा […]