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MashaAllah! Milad ke Julus me DJ ka Ahtmam

बहरहाल! ईद की नमाज़ में २ रकात होती या ४ इसपर किसी का इख्तेलाफ़ नहीं , क्यूंकि अलाह्म्दुलिल्लाह शरियत में इसके अहकाम मौजूद है ,.. लेकिन मिलाद के नाम पर DJ बजाना , केक काटना , तवायफो को नचवाना बहरहाल इस पर खुद हमारे सुन्नी भाइयो में कसीर इख्तेलाफ़ है,. इसीलिए क्यूंकि जब इन्सान किताबो […]

समाज में अमीरी और गरीबी क्यों ?

अल्लाह ने रोज़ी का वितरण अपने (मर्जी) से रखा है, कुछ लोगों को अधिक से अधिक दिया तो कुछ लोगों को कम से कम, हर युग में और हर समाज में मालदार और गरीब दोनों का वजूद रहा है, सवाल यह है कि आखिर अल्लाह ने अमीरी और गरीबी की कल्पना क्यों रखी ? – […]

काश ये इत्तेहाद हम’में पहले से होता ?

“काश ये इत्तेहाद हम’में पहले से होता ,.. तो शाने-नबी में गुस्ताखी, किसी मरदूद की जुर्रत ना होती .. *ना करता अहानते रसूल की हिम्मत कोई ,.. गर मेरे नबी के अहसानों का इन्हें इल्म होता .. ” * * * * * *मेरे अज़ीज़ भाइयो ,. – ये वक्त की जरुरत है – ” […]